
दुर्ग 💫बिजली विभाग का कारनामा: पहले थमाया 6520 रुपए का बिल, शिकायत की तो 80 में सेटलमेंट कर लिया गया।
By Dinesh chourasiya
बिजली विभाग का बिलिंग में गड़बड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। विभाग ने मामूली उपयोग वाले सिंगल फेज घरेलू कनेक्शन में 6 हजार 520 रुपए का भारी भरकम बिल थमा दिया। उपभोक्ता ने जागरूकता दिखाते हुए इसकी शिकायत कर उपभोक्ता फोरम जाने की चेतावनी दी तो अब महज 80 रुपए में सेटलमेंट कर लिया गया।
दुर्ग. बिजली विभाग का बिलिंग में गड़बड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। विभाग ने मामूली उपयोग वाले सिंगल फेज घरेलू कनेक्शन में 6 हजार 520 रुपए का भारी भरकम बिल थमा दिया। उपभोक्ता ने जागरूकता दिखाते हुए इसकी शिकायत कर उपभोक्ता फोरम जाने की चेतावनी दी तो अब महज 80 रुपए में सेटलमेंट कर लिया गया। मामला बघेरा जोन विद्युत वितरण केंद्र से संबद्ध दुर्ग नगर निगम क्षेत्र के वार्ड 57 का है। यहां उपभोक्ताओं को अप्रैल 2023 का बिल वितरण किया गया। जिसमें शीतला छांव सुंदर चौक रामनगर निवासी उपभोक्ता क्रमांक 1002874144 गीता देवी चंद्राकर पति राजू लाल चंद्राकर 6 हजार 520 रुपए का बिल दे दिया गया।







कभी भी 1000 यूनिट बिजली का उपयोग नहीं हुआ
उपभोक्ता ने जोन के अधिकारियों से इसकी शिकायत कर जानकारी मांगी। उपभोक्ता का कहना था कि वह इसी मीटर से विगत 12 वर्षों से बिजली का उपयोग कर रहीं हैं, लेकिन कभी भी 1000 यूनिट बिजली का उपयोग नहीं हुआ, लिहाजा इतना बिल भी नहीं आया। ऐसे में उन्होंने मीटर की जांच व दोबारा रीडिंग की मांग की। इसके बाद बिजली विभाग के कर्मचारियों द्वारा मीटर की जांच कराई गई। जिसमें बिल महज 80 रुपए पाया गया।
मामूली बिजली का खपत
शिकायतकर्ता ने बताया कि विभाग ने उसे इतना भारी भरकम बिल तब दिया है, जब बिजली की खपत नहीं के बराबर हो रही है। उन्होंने बताया कि दो माह पहले ही उसने अलग से थ्री-फेज कनेक्शन लेकर घरेलू उपयोग भी शिफ्ट करा लिया है। इससे पुराने कनेक्शन से बिजली का उपयोग नहीं के बराकर किया जा रहा है। दूसरी ओर थ्री-फेज कनेक्शन में 10 हजार का बिल दिया गया है, जिसे उन्होंने फिलहाल जमा करा दिया है।
फोरम की चेतावनी तब हुए अफसर गंभीर
शिकायतकर्ता ने बताया कि आशंका होने पर उन्होंने दो घरेलू विद्युत मिस्त्रियों को बुलाकर मीटर और कनेक्शन की जांच कराई। इसके अलावा जीपीएस लोकेशन के आधार पर बिजली की खबत की जानकारी जुटाई। इसमें मीटर रीडिंग में बेहद कम बढ़ोतरी दिखी। इसके बाद उन्होंने इसकी शिकायत की और जांच व कार्रवाई नहीं किए जाने की सूरत में उपभोक्ता फोरम जाने की चेतावनी दी। इसके बाद अफसर गंभीर हुए और बिल में सुधार कराया।











