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CG में शराब घोटाला केस..पूर्व मंत्री कवासी लखमा गिरफ्तार:तीसरी बार ED दफ्तर में पूछताछ के लिए पहुंचे थे; शाम तक हो सकती है पेशी

By Dinesh chourasiya

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को गिरफ्तार किया गया है। बुधवार को तीसरी बार वे ED दफ्तर पूछताछ के लिए पहुंचे थे इसी दौरान उनकी गिरफ्तारी हुई है। शाम तक उन्हें कोर्ट में पेश किया जा सकता है।

इससे पहले 2 बार उनसे 8-8 घंटे ​​​​ED के अधिकारियों ने पूछताछ की थी। दफ्तर में अंदर घुसने से पहले लखमा ने कहा कि, आज पूछताछ के बुलाया गया था। इसलिए आया हूं। देश कानून के हिसाब चलता है, अगर कानून के हिसाब से बुलाएंगे, तो मैं 25 बार आऊंगा। लखमा ने कहा कि, ED के अधिकारी जो सवाल करेंगे, उसका जवाब दूंगा। उनका सम्मान करुंगा।

सीए के साथ नहीं पहुंचे लखमा

ED के अधिकारियों ने आज कवासी को पूछताछ के लिए CA के साथ बुलाया था। लेकिन वे अकेले ही ED दफ्तर पहुंचे थे। लखमा ने बताया कि, उनके सीए बाहर हैं, इस वजह से वह नहीं आए हैं।

ED को अहम सबूत मिले

सूत्रों के मुताबिक, कवासी लखमा ने कांग्रेस सरकार के समय चलाए गए शराब के सिस्टम को लेकर ED को जानकारी दी है। लखमा पर अफसरों ने एक्शन का दबाव भी बातचीत में बनाया। लखमा इस पूछताछ में कई बार खुद के अनपढ़ होने, दस्तावेज में क्या लिखा था, समझ नहीं आने की बात कर ED के अफसरों को कन्फ्यूज भी करते रहे।

हालांकि, ED ने आधिकारिक तौर पर इस पूछताछ को लेकर कुछ नहीं कहा है। लखमा के घर पर छापे के बाद निदेशालय ने पूर्व मंत्री के कमीशन लेने की बात कही थी। अब इस केस में जल्द ही ED कुछ नई गिरफ्तारी करने की तैयारी में है।

क्या है छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला ?

छत्तीसगढ़ शराब घोटाले मामले में ED जांच कर रही है। ED ने ACB में FIR दर्ज कराई है। दर्ज FIR में दो हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले की बात कही गई है। ED ने अपनी जांच में पाया कि तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के अवैध सिंडिकेट के जरिए घोटाले को अंजाम दिया गया था।

ED द्वारा दर्ज कराई गई FIR की जांच ACB कर रही है। ACB से मिली जानकारी के अनुसार साल 2019 से 2022 तक सरकारी शराब दुकानों से अवैध शराब डूप्लीकेट होलोग्राम लगाकर बेची गई थी। जिससे शासन को करोड़ों के राजस्व का नुकसान हुआ है।

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