
रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र बुधवार से शुरू हो गया है। सदन की कार्रवाई शुरू होते ही प्रश्नकाल में विपक्ष ने जल जीवन मिशन योजना के क्रियान्वयन में देरी का मुद्दा उठाया, जिसपर जोरदार हंगामा हुआ और सदन का वॉक आउट किया।
वहीं विधानसभा में विपक्ष ने शून्यकाल में मंत्री टीएस सिंहदेव के इस्तीफे का मामला भी उठाया। बीजेपी ने कहा राज्य में संवैधानिक संकट की स्थिति है। मंत्री, मुख्यमंत्री पर आरोप लगा रहा है। सीएस को मंत्रियों के उपर बिठाया जा रहा है। इसपर विपक्ष ने सदन में जमकर हंगामा किया।







दरअसल विधानसभा में पंचायत मंत्री टीएस सिंहदेव के इस्तीफे को लेकर जमकर हंगामा हुआ। जिसके वजह से सदन की कारवाई 10 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। बीजेपी ने इस मामले पर राज्य विधानसभा चर्चा कराने की मांग की। राज्य के पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने मामला उठाते हुए कहा कि राज्य के एक मंत्री ने मंत्रिमंडल पर अविश्वास जताते हुए राज्य के मुख्यमंत्री पर षडयंत्र करने का आरोप लगाया है ऐसी स्थिति में राज्य में संवैधानिक संकट उत्पन्न हो गया है, क्योंकि मंत्रिमंडल में सामूहिक उत्तरदायित्व होता है।
पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि पूरे मामले पर राज्य के मुख्यमंत्री का जवाब आना चाहिए। जबतक जवाब नहीं आता तब तक सदन में किसी चर्चा का कोई औचित्य नहीं है। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि राज्य में अंधी, बहरी और गूंगी सरकार है जो न तो प्रदेश की जनता की बात सुनती है और ना ही अपने मंत्रियों की बात सुनती है। वहीं छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस के विधायक धरमजीत सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।







