दुर्ग SSP ने समय-सीमा में अभियोग पत्र प्रस्तुत करने वाले 20 विवेचक को सम्मानित किया
By Dinesh chourasiya








नवीन आपराधिक कानून के प्रावधानों के तहत अपराध दर्ज होने के बाद विवेचना को अनावश्यक रूप से लंबित न रखते हुए निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत करने पर विशेष जोर दिया गया।
नवीन आपराधिक कानून के प्रावधानों के अनुरूप अपराध पंजीबद्ध होने के पश्चात त्वरित विवेचना पूर्ण कर अभियोग पत्र माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया जाना महत्वपूर्ण है। इसी क्रम में प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को विवेचना की प्रक्रिया, समयबद्धता, साक्ष्य संकलन तथा अभियोग पत्र प्रस्तुत करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।




जिले में कार्यरत विवेचकों द्वारा एफआईआर के पश्चात त्वरित कार्रवाई करते हुए निर्धारित समय-सीमा में विवेचना पूर्ण कर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने के कार्य की समीक्षा की गई। उपलब्ध अभिलेखीय आंकड़ों के आधार पर समयबद्ध विवेचना एवं अभियोग पत्र प्रस्तुत करने वाले विवेचकों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
सम्मानित विवेचक
समयबद्ध विवेचना एवं अभियोग पत्र प्रस्तुत करने वाले विवेचकों में थाना सुपेला, भिलाई नगर, जामुल, अंडा, पुलगांव, वैशाली नगर, खुर्सीपार, धमधा, पाटन, छावनी एवं कुम्हारी में पदस्थ अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं। प्रशस्ति पत्र प्राप्त करने वाले विवेचकों में उमेश शुक्ला, ओमप्रकाश साहू, हरचंद सिंह, रविन्द्र सिंह, शिव चंद्रा, अभिषेक मिश्रा, शशिकांत साहू, जितेन्द्र शुक्ला, राजीव दुबे, वेदराम चंद्रवंशी, रमेश दुबे, चंद्रिका प्रसाद, रविन्द्र कुमार ठाकुर, जय प्रकाश सूर्यवंशी, चेतन साहू, गोविंदनाथ चौधरी, सुनील वर्मा, लोकेश लहरी, मदन बिंझकर एवं हेमंत कुमार शामिल हैं।
सराहनीय कार्य
समय-सीमा में विवेचना पूर्ण कर अभियोग पत्र प्रस्तुत करने वाले उक्त विवेचकों द्वारा प्रकरणों की त्वरित विवेचना, आवश्यक साक्ष्य संकलन एवं न्यायालयीन प्रक्रिया के अनुरूप अभियोग पत्र प्रस्तुत करने में किए गए कार्य को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर मान्यता दी गई।






