कॉकरोच जनता पार्टी का मुख्य चुनाव आयुक्त को अल्टीमेटम:48 घंटे में इस्तीफा दें, वरना देशभर में आंदोलन करेंगे; आरोप- 13 करोड़ वोटर्स के नाम काटे
By Dinesh chourasiya
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने गुरुवार को चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठाए। CJP ने कहा कि देश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के जरिए 13 करोड़ मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए। लोगों से वोट डालने का आधिकार छीना जा रहा है।







पार्टी फाउंडर अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को देशद्रोही बताते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कि लोकतंत्र का मतलब है कि देश की जनता सरकार चुने। लेकिन ज्ञानेश कुमार के मुख्य चुनाव आयुक्त बनने के बाद सरकार यह तय कर रही है कि किसे वोट देने की अनुमति होगी और किसे नहीं।
दीपके ने कहा- इलेक्शन कमिश्नर को इस्तीफा देना चाहिए




अभिजीत दीपके ने कहा- वोट चोरी लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा है। लोकतंत्र का मतलब था कि जनता सरकार चुनेगी, लेकिन ज्ञानेश कुमार जबसे सीईसी बने तब से सरकार तय कर रही है कि कौन वोट करेगा कौन नहीं।
पिछले लोकसभा चुनाव में जब भाजपा 240 पर सिमटी तो इन्हें लगा कि देश का मूड बदल रहा है। क्षेत्रीय दल बहुत मजबूत होकर सामने आए थे। एक-एक करके इन्हें हराया गया। ममता बनर्जी की सीट पर 50 हजार वोट डिलीट होते हैं, वह हार जाती हैं। दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की सीट पर 40 हजार वोट डिलीट किए गए और वह हार गए।
सौरभ दास ने कहा, ‘यह सिस्टम बदलना चाहिए, लेकिन यह सिस्टम कैसे बदलेगा। आपके पास केवल एक ही टूल है वोट का। यदि यह भी आपने छीन लिया जाए तो कैसे बदलाव आएगा। पूरे देश में लोग हमसे पूछ रहे हैं कि कैसे बदलेगा, हमारे वोट का महत्व नहीं है। अब जो रिपोर्ट आई है उसे देश के सभी युवाओं को पढ़ना चाहिए। SIR से 13 करोड़ से ज्यादा वोटर को आपने डिलीट कर दिया। कल भी रिपोर्ट आई थी आज भी आई। पिछले 10 महीने में 14 आपत्तियां हुईं चुनाव आयोग में। दो अन्य चुनाव आयुक्तों ने बहुत सारी अवैध चीजों को फाइल में लिखा और कहा कि सबकुछ अच्छा नहीं है।
SIR विवाद पर चुनाव आयोग बोला- फैसले सर्वसम्मति से हुए
हालांकि, स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर सामने आई मीडिया रिपोर्ट पर चुनाव आयोग ने अपना पक्ष रखा था। आयोग ने कहा था कि बहुसदस्यीय संवैधानिक संस्था में अलग-अलग राय, सुझाव और टिप्पणियां आना सामान्य प्रक्रिया है।
आयोग ने कहा कि SIR समेत पिछले एक साल में लिए गए सभी अंतिम फैसले सर्वसम्मति से हुए हैं। यह सफाई इंडियन एक्सप्रेस की उस रिपोर्ट के बाद आई, जिसमें चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की ओर से पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार आपत्ति दर्ज किए जाने का दावा किया गया था।
रिपोर्ट में फॉर्म-6 में बदलाव, वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने-हटाने और वोटर डेटाबेस के केंद्रीकरण जैसे मुद्दों पर आपत्तियों का जिक्र था। चुनाव आयोग ने इन दावों पर 8 पॉइंट में अपना जवाब दिया है।

6 अगस्त- अभिजीत दीपके गांव-शहरों में युवाओं से बात करेंगे
CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने 6 अगस्त को प्रेस कॉन्फ्रेंस में सितंबर से देशभर में ‘क्या बोलती पब्लिक’ अभियान शुरू करने की बात कही थी। दीपके ने महाराष्ट्र के संभाजीनगर में यह घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि संगठन गांव-शहर जाकर युवाओं से बात करे




