CG शराब घोटाला मामले में , रामगोपाल अग्रवाल के घर ED की रेड:रायपुर-धमतरी के ठिकानों पर एक्शन, धरने पर बैठे कांग्रेसी, दुर्ग में रिद्धि-सिद्धि बिल्डर्स के घर दबिश
By Dinesh chourasiya
छत्तीसगढ़ में शराब घोटाला मामले में ED की रेड पड़ी है। रायपुर, दुर्ग-भिलाई और धमतरी में सुबह ED के अफसरों ने दबिश दी। अलग-अलग ठिकानों पर दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच जारी है।







रायपुर में कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल के अनुपम नगर स्थित निवास और धमतरी में सिहावा रोड स्थित उनके घर पर कार्रवाई चल रही है। रामगोपाल अग्रवाल को शराब, कोल और कस्टम मिलिंग घोटाले में आरोपी बनाया गया है। 8 दिन पहले ही ED ने उन्हें गिरफ्तार कर रायपुर कोर्ट में पेश किया था।
धमतरी में रामगोपाल अग्रवाल के घर ED की कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए हैं। कार्यकर्ता ED और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। मौके पर विधायक, जिलाध्यक्ष समेत कई कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद हैं।




रायपुर के रवि नगर स्थित कारोबारी अनूप अग्रवाल के घर पर भी ED की टीम पहुंची है। अनूप अग्रवाल रामगोपाल अग्रवाल के करीबी माने जाते हैं। टीम घर के अंदर दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
वहीं, दुर्ग में बिल्डर सजल जैन और विश्वास गुप्ता के घर पर सुबह करीब 6 बजे ED की टीम पहुंची। करीब 7 अफसरों की टीम दोनों ठिकानों पर जांच कर रही है। कार्रवाई फिलहाल जारी है। जैन और विश्वास गुप्ता कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के करीबी माने जाते हैं।
ऐसी चर्चा है कि कई अधिकारियों का पैसा भी दोनों के रियल एस्टेट कारोबार में लगा हुआ है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

बिल्डर्स के ठिकानों पर पहले भी पड़ चुकी है रेड
दुर्ग में इससे पहले भी ACB दोनों के ठिकानों पर कार्रवाई कर चुकी है। फिलहाल ED की छापेमारी में क्या मिला है, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। अधिकारी मीडिया से बात करने से बच रहे हैं।
सुरक्षा के मद्देनजर कार्रवाई स्थल पर CRPF के जवान तैनात हैं। ED की टीम ने दुर्ग के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भी कार्रवाई की जानकारी दी है।
धमतरी में कांग्रेसियों का धरना
धमतरी में रामगोपाल अग्रवाल के घर ED की दबिश के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता धरने पर बैठे हैं। ED और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की जा रही है। कांग्रेस प्रवक्ता शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा कि रामगोपाल पहले से ED की हिरासत में हैं, ऐसे में उनके परिवार के घर छापा मारकर परिजनों को परेशान करना गलत है। कार्रवाई से कांग्रेस और व्यापारी वर्ग में नाराजगी है।
विधायक ओंकार साहू ने कहा कि परिवार को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। कांग्रेस पूरे प्रदेश में इस कार्रवाई का विरोध करेगी। जिलाध्यक्ष तारिणी चंद्राकर ने आरोप लगाया कि भाजपा राजनीतिक द्वेष के चलते केंद्रीय एजेंसी का दुरुपयोग कर रही है। कांग्रेस इसका जवाब आंदोलन के जरिए देगी।
अब पढ़िए क्या है छत्तीसगढ़ शराब घोटाला
छत्तीसगढ़ का कथित शराब घोटाला राज्य के सबसे बड़े आर्थिक मामलों में से एक माना जाता है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) की जांच के अनुसार, साल 2019 से 2022 के बीच सरकारी शराब बिक्री व्यवस्था में कथित सिंडिकेट बनाकर अवैध शराब की बिक्री, कमीशनखोरी और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया गया।
जांच एजेंसियों का आरोप है कि इस पूरे नेटवर्क के जरिए करीब 3,200 करोड़ रुपए का अवैध घोटाला हुआ। मामले में कई आईएएस अधिकारी, आबकारी विभाग के अधिकारी, कारोबारी और राजनीतिक रूप से जुड़े लोगों के नाम सामने आए हैं। हालांकि, आरोपों की न्यायिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और मामले की जांच तथा अदालती प्रक्रिया जारी है।






