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दुर्ग से विद्यामितान शिक्षकों का विधानसभा कूच, पुलिस ने रोका:नियमितीकरण और समान वेतन की मांग को लेकर 13वें दिन आंदोलन तेज, पुलिस से धक्का-मुक्की

By Dinesh chourasiya

दुर्ग में राज्य अतिथि शिक्षक विद्या मितान संघ के नेतृत्व में अनिश्चितकालीन आंदोलन के 13वें दिन प्रदेशभर से पहुंचे एक हजार से अधिक अतिथि शिक्षकों ने विधानसभा घेराव के लिए पैदल मार्च निकाला। पुलिस ने जेल चौक पर बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया, जहां हल्की धक्का-मुक्की भी हुई।

नियमितीकरण, समान काम के बदले समान वेतन, सेवा सुरक्षा और स्थायी रोजगार की मांग को लेकर शिक्षक धरना स्थल से निकले थे। जिला प्रशासन ने पहले से सुरक्षा व्यवस्था करते हुए जेल चौक पर भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग तैनात की थी। बातचीत के बाद भी सहमति नहीं बनने पर प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने की कोशिश की।

11 साल से सेवा, फिर भी नहीं मिला नियमितीकरण

कांकेर की अतिथि शिक्षिका तुलसी कुमारी कश्यप ने बताया कि वह पिछले 11 वर्षों से दूरस्थ क्षेत्रों में सेवा दे रही हैं। उन्होंने कहा कि 20 हजार रुपये मानदेय में परिवार चलाना मुश्किल है और उन्हें साल में केवल 10 महीने का ही वेतन मिलता है। उनका कहना है कि वर्षों की सेवा के बावजूद सरकार ने भविष्य सुरक्षित करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया।

दूरस्थ इलाकों में शिक्षा संभाल रहे विद्यामितान

संघ का कहना है कि प्रदेश के हजारों अतिथि शिक्षक वर्षों से गणित, विज्ञान, अंग्रेजी सहित कई विषयों की पढ़ाई करा रहे हैं। बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में भी यही शिक्षक शिक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, लेकिन अब तक नियमितीकरण नहीं हुआ है।

हड़ताल से पढ़ाई प्रभावित, आंदोलन तेज करने की चेतावनी

संघ के अनुसार 1 जुलाई से जारी हड़ताल के कारण कई सरकारी स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है। शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि विधानसभा सत्र के दौरान उनकी मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

 

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