दिल्ली में 4 मंजिला बिल्डिंग में आग, 9 की मौत:इनमें डेढ़ साल का बच्चा शामिल; 15 लोग बचाए गए,
By Dinesh chourasiya
दिल्ली के शाहदरा इलाके के विवेक विहार में एक चार मंजिला बिल्डिंग में रविवार सुबह भीषण आग लग गई। हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई। इनमें 4 पुरुष, 4 महिलाएं और एक डेढ़ साल का बच्चा शामिल है।







दिल्ली फायर सर्विस के मुताबिक, उन्हें सुबह करीब 3.47 बजे आग लगने की सूचना मिली थी। 4 घंटों की मशक्कत के बाद सुबह करीब 8 बजे आग पर काबू पाया गया। बिल्डिंग के अंदर फंसे 10 से 15 लोगों को बचाया गया। इनमें दो लोग घायल हुए हैं।
मृतकों के शव बिल्डिंग के अलग-अलग फ्लोर से बरामद किए गए। स्थानीय पार्षद पंकज लूथरा ने बताया कि कुछ शव इतने बुरे तरह जल चुके हैं कि सिर्फ कंकाल बचा है। DNA टेस्ट के बाद ही मृतकों का पता चल पाएगा।




हादसे को लेकर कुछ लोगों का कहना है कि शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी। वहीं कुछ स्थानीय लोगों ने बताया कि AC में धमाके के बाद आग फैली। फिलहाल अधिकारियों की तरफ से असली कारण की पुष्टि नहीं हुई है।

9 मृतकों के नाम सामने आए, लेकिन पहचान मुश्किल
दिल्ली पुलिस के अनुसार, बिल्डिंग के पहले फ्लोर से 1 शव, दूसरे फ्लोर से 5 शव और सीढ़ियों से 3 शव मिले, जहां दरवाजा बंद था। आशंका है कि लोगों ने छत पर भागकर जान बचाने की कोशिश की थी।
दूसरे फ्लोर पर मिले मृतकों की पहचान अरविंद जैन (60), उनकी पत्नी अनीता जैन (58), बेटे निशांत जैन (35), बहू आंचल जैन (33) और डेढ़ साल के पोते आकाश जैन के रूप में हुई। तीसरे फ्लोर पर नितिन जैन (50), उनकी पत्नी शैले जैन (48) और बेटे सम्यक जैन (25) मृत पाए गए।
पहले फ्लोर पर शिखा जैन (45) का शव मिला, जबकि उनके पति नवीन जैन (48) घायल हो गए। स्थानीय पार्षद पंकज लूथरा ने बताया कि उन्होंने मृतकों के शव देखें हैं। इनमें कौन से शव पुरुष के हैं और कौन सी महिला के, इसकी पहचान करना भी मुश्किल है।
बिल्डिंग के पिछले हिस्से से ज्यादातर शव मिले
दिल्ली फायर सर्विस के अधिकारी मुकेश वर्मा ने बताया कि चार मंजिला बिल्डिंग के हर फ्लोर पर दो 4BHK फ्लैट हैं। आग बिल्डिंग के पिछले हिस्से में लगी थी और वहीं सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं। 6 फ्लैट्स का सामान जल गया।
DFS के मुताबित, खिड़कियों और बालकनी पर ग्रिल और लोहे की रॉड लगी थीं, जिससे रेस्क्यू में दिक्कत आई। फिर भी करीब 15 लोगों को बचाया। इनमें से एक व्यक्ति करीब 30% तक जल गया था, जिसे इलाज के लिए गुरु तेग बहादुर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।





