CG के इस जेल वार्ड में कैदी को स्पेशल ट्रीटमेंट, मोबाइल से लेकर मिनरल वाटर की सुविधा; 2 जेल प्रहरी सस्पेंड
By Dinesh chourasiya

छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर सेंट्रल जेल के कैदी को स्पेशल ट्रीटमेंट दिया जा रहा था। मेडिकल कॉलेज अस्पताल के जेल वार्ड में कैदी के परिजनों को आने-जाने और साथ रहने की छूट थी। मोबाइल से लेकर मिनरल वाटर तक की सुविधा थी।







मामले की शिकायत मिलने के बाद जेल सुपरिटेंडेंट अक्षय सिंह राजपूत जेल वार्ड पहुंचे। जांच में वार्ड का ताला खुला पाया गया। नियमों के उल्लंघन पर 2 जेल प्रहरी जयप्रकाश कुजूर और लोकनाथ निषाद को सस्पेंड कर दिया गया है।




जानकारी के मुताबिक, मनेंद्रगढ़ जेल से कैदी गुरुबख्श सिंह (61) को सेंट्रल जेल अंबिकापुर शिफ्ट किया गया था। उस पर हत्या के प्रयास का आरोप है। सेंट्रल जेल अंबिकापुर पहुंचने पर डॉक्टरों ने बताया कि कैदी गंभीर रूप से बीमार है। उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल के जेल वार्ड में भर्ती करा दिया गया है।
डॉक्टरों की ओर से जारी किए गए मेडिकल सर्टिफिकेट के आधार पर जेल सुपरिटेंडेंट ने कैदी के परिजनों को अटेंडेंट के तौर पर जेल वार्ड में परमानेंट आने-जाने और कैदी के साथ रहने की अनुमति दे दी।
जेल में मिल रही थी हर सुविधा
डॉक्टरों और जेल प्रबंधन से मिली स्पेशल छूट के बाद गुरुबख्श सिंह के परिजन अपने मन मुताबिक जेल वार्ड में कैदी को हर सुविधा दे रहे थे। वे मोबाइल लेकर भी जेल वार्ड में आ-जा रहे थे। घर का खाना और पीने के लिए मिनरल वाटर तक कैदी को परिजन उपलब्ध करा रहे थे।
परिजनों ने छूट का गलत फायदा उठाया
जब जेल सुपरिटेंडेंट अक्षय सिंह राजपूत को इसकी शिकायत मिली तो उन्होंने मेडिकल कॉलेज अस्पताल के जेल वार्ड का निरीक्षण किया। जांच में पाया कि जेल वार्ड का बाहर का ताला खुला हुआ था। कैदी और उनके परिजन मिली छूट का गलत फायदा उठाकर जेल के नियम तोड़ रहे थे।
2 प्रहरी सस्पेंड, परिजनों की एंट्री पर रोक
मामले में जेल सुपरिटेंडेंट ने ड्यूटी पर तैनात जेल प्रहरी जयप्रकाश कुजूर और लोकनाथ निषाद को सस्पेंड कर दिया है। इसके साथ ही कैदी के परिजनों को अटेंडेंट के रूप में जेल वार्ड में रहने की अनुमति पर भी रोक लगा दी गई है।
गंभीर मरीजों को किया जाता है रेफर
सेंट्रल जेल में बंदियों का इलाज करने के लिए डॉक्टर तैनात रहते हैं और उनका इलाज जेल हॉस्पिटल में ही किया जाता है। अगर कोई बंदी गंभीर रूप से बीमार होता है, तो जेल के डॉक्टर उसे मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल रेफर करते हैं।
हालांकि, इस पूरे मामले में जेल सुपरिटेंडेंट अक्षय सिंह राजपूत से संपर्क करने की कोशिश मगर बात नहीं हुई




