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रायगढ़ में दूसरी बार पकड़ाई अफीम की खेती लैलूंगा में, 17 दिन में पांचवां केस

By Dinesh Chourasiya

रायगढ़ जिले के दो गांव में अफीम की खेती पकड़ाई है। लैलूंगा थाना क्षेत्र में घाटगांव में 50 डिसमिल में अफीम की खेती की जा रही थी। मुड़ागांव में भी 5 डिसमिल में अफीम की खेती पकड़ी गई है। बीते दो दिन में यह दूसरा केस है। जबकि 17 दिनों में अफीम की खेती का ये पांचवा मामला है।

घाटगांव में पुलिस ने अफीम की खेती का खुलाता करते हुए

बताया कि जगतराम नाग और मनोज नाग को घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया, जबकि साधराम नाग फरार है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पत्थलगांव के एक व्यापारी से बीज लाकर अफीम उगा रहे थे।

लैलूंगा के मुड़ागांव में भी 5 डिसमिल में अफीम की खेती मिली है। तानसिंह नागवंशी से पूछताछ में इसकी पुष्टि हुई। उसके घर से सूखे अवशेष जब्त किए गए हैं। नमूनों की फोरेंसिक जांच जारी है। रिपोर्ट के बाद कार्रवाई होगी। इलाके में ड्रोन से सर्वे भी किया गया।

वहीं भूपेश बघेल ने अफीम की खेती पर भाजपा सरकार पर तंज कसा है। सोशल मीडिया साइट फेसबुक पर उन्होंने पोस्ट कर लिखा है कि ‘सुशासन’ के अफीम स्टार्टअप की नई ब्रांच अब लैलूंगा में पाई गई है।

23 मार्च को तमनार में पकड़ी गई थी खेती

दो दिन पहले तमनार ब्लॉक के आमाघाट क्षेत्र में भी अफीम की खेती का मामला सामने आया था। जानकारी के अनुसार, झारखंड का रहने वाला मार्शल सांगा यहां 10-12 साल से खेती कर रहा था। उसने आमाघाट के किसान से तरबूज, ककड़ी उगाने के लिए खेत लिया था।

10-12 सालों से हो रही थी खेती

बताया जा रहा है कि, आरोपी मार्शल सांगा झारखंड से आ कर अपने ससुराल रायगढ़ के तमनार में रहने लगा। वह पिछले 10-12 साल से यहां खेती कर रहा था। झारखंड में अफीम की खेती उसके साथी कर रहे हैं और उसी को देख कर उसने यहां खेती करना शुरू किया। हालांकि इसकी जांच अभी जारी है।

मुड़ागांव में आरोपी के घर से सूखी पत्तियां भी मिली है जिसकी जांच जारी है।

अफीम की खेती पकड़ाने का पांचवां मामला

बता दें कि प्रदेश में पिछले 17 दिनों में अफीम की खेती पकड़ाने का यह पांचवां मामला है। इससे पहले 7 मार्च को दुर्ग में अफीम की खेती पकड़ाई थी। 10 मार्च को बलरामपुर के कुसमी में और 12 मार्च को बलरामपुर के कोरंधा में अफीम की खेती मिली थी। 21 मार्च को रायगढ़ के तमनार में अफीम की खेती पकड़ी गई थी

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