छत्तीसगढ़ के मुन्नाभाई MBBS स्टूडेंट:PMT परीक्षा में दूसरे अभ्यर्थी को बिठाया, ठगी कर पैसे ऐंठे; भेजे गए जेल बाय
By Dinesh chourasiya

जगदलपुर के स्व. बलीराम कश्यप मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाले 2 MBBS स्टूडेंट को गरियाबंद पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों ने मिलकर एक युवक को झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर 1 लाख रुपए लिए थे। मामला छुरा थाना क्षेत्र का है। शिकायत के बाद दोनों पर कार्रवाई हुई है।
जानकारी के मुताबिक, दोनों स्टूडेंट छत्तीसगढ़ में हुए मुन्नाभाई केस में भी जेल जा चुके है। आरोपियों ने साल 2009 में महासमुंद जिले में हुई पीएमटी की परीक्षा में वास्तविक अभ्यर्थी की जगह दूसरे अभ्यर्थी को बैठाकर परीक्षा दिलवाया था।







वहीं, दूसरे केस में साल 2010 में बिलासपुर में आयोजित PMT की परीक्षा में भी दूसरे अभ्यर्थी को बैठाकर वहीं वारदात की थी। दोनों ही मामले में दोनों स्टूडेंट को जेल हो चुकी है।
पुलिस के मुताबिक, ज्यादा पैसे के लालच और ज्यादा खर्च करने की आदत के कारण उन दोनों ने फिर से ठगी कर पैसे ऐंठना शुरू किया है। वे पिछले 15 सालों से लगातार करोड़ों की ठगी की घटना को अंजाम दे चुके है। दोनों 2007 से MBBS में एडमिशन लिए थे। कई बार फेल हो चुके है अब भी पढ़ाई जारी रखी है।

अब जानिए पूरा मामला




गरियाबंद जिले के रहने वाले चंद्रशेखर सेन और उसका साथी निखिल राज सिंह जो कि उत्तरप्रदेश का रहने वाला है। दोनों साल 2007 में पीएमटी परीक्षा पास किये थे। जिसके बाद दोनों ने मेडिकल कॉलेज जगदलपुर में एडमिशन लिया था।
वहीं पर दोनों पहली बार मिले थे। इसके बाद बहुत जल्दी, बहुत ज्यादा पैसे कमाने के लालच में मेडिकल कॉलेज के पूर्व छात्रों को फर्जी तरीके से पीएमटी परीक्षा पास कराने और उसके एवज में अवैध धन कमाने के उद्देश्य से कुछ लोगों को दूसरे राज्यों से बुलाकर, पीएमटी परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी के जगह परीक्षा में बैठाकर पास कराने का ठेका लेने की शुरुआत करने की सोची।
इसी मकसद से साल 2009 के पीएमटी परीक्षा में आरोपियों ने महासमुंद में वास्तविक अभ्यर्थी की जगह दूसरे अभ्यर्थी को बैठाकर परीक्षा दिलवाया था। बाद में व्यापम को इसकी जानकारी होने पर दोनों आरोपियों सहित 9 लोगों पर थाना कोतवाली महासमुंद में अपराध पंजीबद्ध किया गया था।
इसी तरह साल 2010 के पीएमटी परीक्षा में आरोपियों ने जिला बिलासपुर में वास्तविक अभ्यर्थी की जगह दूसरे अभ्यर्थी को बैठाकर परीक्षा दिलवाया था। जिसमें जानकारी होने पर दोनों आरोपी सहित 8 लोगों पर थाना सरकंडा बिलासपुर में अपराध पंजीबद्ध किया गया था।
15 साल से लगातार कर रहे ठगी
इन दोनों केस में चंद्रशेखर और उसका साथी निखिल जेल जा चुके थे। पीएमटी केस के बाद लगातार 15 साल तक वे ठगी की घटना को अंजाम देते रहे। ताजा मामला गरियाबंद जिले का है। जहां जिले के रहने वाले खेमचंद ने छुरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि
उन्हें अगस्त 2025 में डाक से एक फर्जी नॉन-बेलेबल वारंट मिला था। आरोपी निखिल राज ने झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर उनसे दो लाख रुपए मांगे थे। डरकर खेमचंद ने अगस्त में ही निखिल राज को एक लाख रुपए और फर्जी वारंट दे दिया था।
इसके बाद भी आरोपी निखिल राज और उसके साथी चंद्रशेखर उर्फ चंदन सेन ने खेमचंद को लगातार जेल भेजने की धमकी देते हुए पैसों की मांग जारी रखी। प्रार्थी की शिकायत पर छुरा थाने में अपराध क्रमांक 183/2025 के तहत धारा 308(2) बीएनएस और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
ट्रेन से UP भागने की फिराक में था आरोपी
पुलिस टीम ने पहले गरियाबंद के कनसिंघी निवासी चंद्रशेखर उर्फ चंदन सेन को पकड़ा। पूछताछ में उसने बताया कि उसका साथी निखिल राज ट्रेन से भाग रहा है। तत्काल ट्रेन के लोकेशन के आधार पर आरपीएफ बिलासपुर और पेंड्रारोड की मदद से झांसी निवासी निखिल राज को पकड़ लिया गया।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी पहले भी दो बार पीएमटी परीक्षा में फर्जीवाड़ा (मुन्नाभाई प्रकरण) के आरोप में जेल जा चुके हैं। वे जगदलपुर मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे थे।
भोले-भाले लोगों को जाल में फंसाते है
दोनों आरोपियों ने पूछताछ में अपराध करना स्वीकार करते हुए बताया कि वे पूर्व से मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थी हैं। बहुत ज्यादा खर्च करने की आदत के कारण भोले-भाले लोगों को कई तरीकों से झांसा देकर पैसा ऐंठने का काम वर्ष 2009 से कर रहे हैं।
कई आपराधिक मामले दर्ज
उक्त प्रकरण में प्रार्थी और आरोपीगण से पूछताछ में मिले साक्ष्य के आधार पर धारा 111, 318 (4), 338, 336 (3), 340 (1)(2) बीएनएस की धारा अपराध में जोड़ी गई है। दोनों आरोपीगण के खिलाफ राज्य एवं राज्य के बाहर अलग-अलग थानों में धोखाधड़ी के बहुत से अपराध पंजीबद्ध है।
गरियाबंद पुलिस ने फर्जी गैर जमानती वारंट के जरिए एक युवक से एक लाख रुपए की ठगी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपी
- चंद्रशेखर सेन उर्फ चंदन सेन, (40 साल) निवासी कनसिंघी, जिला गरियाबंद।
- निखिल राज सिंह (37 साल) जिला झांसी, (उ.प्र.)।
आरोपी चंद्रशेखर उर्फ चंदन सेन के खिलाफ अब तक अपराध दर्ज
- अप. क्र. 283/2009 धारा 419,468,471,120बी भादवि0 थाना कोतवाली,महासमुंद। (पीएमटी परीक्षा केस)
- अप. क्र. 220/2010 धारा 419,420,468,471,120बी,34 भादवि.थाना सरकंडा, बिलासपुर। (पीएमटी परीक्षा केस)
- अप. क्र. 86/2013 धारा 420,34 भादवि. थाना कोतवाली ,जगदलपुर। (पीएमटी परीक्षा पास कराने के नाम पर 03 लाख रू. की धोखाधड़ी)
- अप. क्र. 519/2013 धारा 420,406 भादवि. थाना छावनी, दुर्ग। (पीएमटी परीक्षा पास कराने के नाम पर 19 लाख रू. की धोखाधड़ी)
- अप. क्र. 61/2015 धारा 4क जुआ एक्ट थाना छुरा, गरियाबंद।
- अप. क्र. 80/2016 धारा 420 भादवि. थाना छुरा, गरियाबंद। (वार्ड बॉय नौकरी लगाने के नाम पर 55 हजार रुपए की धोखाधड़ी)
- अप. क्र. 109/2016 धारा 420,34 भादवि. थाना फिंगेश्वर, गरियाबंद। (छात्रावास अधीक्षक के नाम पर 1.30 लाख रू. का धोखाधड़ी)
- अप. क्र. 86/2021 धारा 420,34 भादवि. थाना सिविल लाईन रायपुर। (स्वास्थ्य विभाग मे नौकरी के नाम पर 26.80 लाख रू. का धोखाधड़ी)
आरोपी निखिल के खिलाफ अपराध दर्ज
- अप. क्र. 283/2009 धारा 419,468,471,120बी भादवि0 थाना कोतवाली, महासमुंद। (पीएमटी परीक्षा केस)
- अप. क्र. 220/2010 धारा 419,420,468,471,120बी,34 भादवि.थाना सरकंडा, बिलासपुर। (पीएमटी परीक्षा केस)
- अप. क्र. 400/22 धारा 420,406,467,468,471,411,120बी,201 भादवि.थाना सेक्टर-50 गुरूग्राम। (लगभग 05 करोड़ रू. की धोखाधड़ी)




