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भिलाई में अवैध निर्माण तोड़ने पहुंची निगम टीम पर हमला:जोन आयुक्त पर 5 हजार घूस मांगने का आरोप, गाड़ी में की तोड़फोड़; मामला दर्ज

By Dinesh chourasiya

 भिलाई में अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची नगर निगम की टीम पर कब्जाधारियों ने हमला कर दिया। 24 नवंबर को भिलाई जोन-1 नेहरू नगर क्षेत्र में घटना के दौरान जोन आयुक्त अजय सिंह राजपूत के ऊपर कब्जेधारियों ने 5 हजार रुपए घूस मांगने का आरोप लगाया है।

इसका एक वीडियो भी सामने आया है। कब्जाधारी वीडियो में कह रहे हैं कि आपने 5 हजार रुपए घूस लिया है। बिना नोटिस दिए तोड़फोड़ की कार्रवाई की है। इस घटना के बाद जोन आयुक्त ने पैसे की बात को निराधार बताया है और सुपेला थाना में कब्जेधारियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा और गाड़ी में तोड़फोड़ की शिकायत की है।

जोन-1 में हुई अवैध कब्जे को तोड़ने की कार्रवाई

जोन-1 कार्यालय को कई दिनों से शिकायत मिल रही थी कि नेहरू नगर सेक्टर-9 स्थित हाउस नंबर 49/12 में पुष्पा तिवारी पति राधेश्याम तिवारी द्वारा अवैध निर्माण किया जा रहा है।

निगम की ओर से बताया जा रहा है कि भवन अनुज्ञा के बिना निर्माण होने पर निगम की ओर से पिछले 6 महीने में सात बार नोटिस जारी किए गए थे। एक नोटिस भवन अनुज्ञा शाखा से और छह नोटिस जोन कार्यालय से भेजे गए, लेकिन हर बार कब्जाधारी ने नियमों को नजरअंदाज किया।

चेतावनी के बावजूद निर्माण नहीं रोका गया, जिसके चलते 24 नवंबर को निगम का तोड़ दस्ता मौके पर कार्रवाई के लिए पहुंचा।

मकान मालिक, किराएदार और अन्य लोगों ने आयुक्त पर लगाए घूस लेने के आरोप।

चार से पांच लोगों ने आयुक्त को घेरा

निगम कर्मचारियों ने जैसे ही अवैध निर्माण हटाने की प्रक्रिया शुरू की, कब्जाधारी और उनके समर्थक आक्रोशित हो उठे। देखते ही देखते चार-पांच लोगों ने निगम अधिकारियों और कर्मचारियों पर कब्जा न तोड़ने का दबाव बनाने लगे।

जब कब्जा टूट गया तो कब्जेधारियों ने आयुक्त को घेर लिया और उनपर 5 हजार रुपए घूस लेने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआरटी निगम के कर्मचारी द्वारा 5 हजार रुपए आयुक्त ने मंगवाए हैं।

हमने समय मांगा था : मकान मालिक

मकान मालिक तुषार तिवारी का कहना है कि 24 नवंबर को सुबह तकरीबन वही 10:11 बजे निगम की टीम पुलिस बल के साथ आई। आयुक्त अजय राजपूत को हमने निवेदन किया कि अभी मत तोड़िये, हमें 15 दिन का समय दे दीजिए।

किराएदार को आने दीजिए। लेकिन वो नहीं माने। पहले उन्होंने ग्रीन लैंड पर निर्माण का नोटिस दिया था तो हमने उसे खुद ही हटा लिया था। अभी रजिस्ट्री की जमीन पर निर्माण कर रहा था। भवन अनुज्ञा के लिए कुछ समय मांगा लेकिन उन्होंने तोड़ दिया।

किराएदार अभिषेक मिश्रा ने कहा हमने हाथापाई नहीं की, हमारे पास पूरा वीडियो

निगम की टीम बिना किसी नोटिस और कागज के निर्माण को तोड़ने आए थे। कार्रवाई का कोई लेटर तक हमें नहीं दिया गया। भवन अनुज्ञा के लिए हमने आवेदन किया था। उसमें समय लगता है। इस बीच निगम के एक कर्मचारी ने हमसे 5 हजार रुपए मांगे।

तोड़फोड़ विभाग के कर्मचारी ने कहा कि राजपूत जी मंगवाए हैं। हमने दे दिया। इसका कोई रिकॉर्ड हम नहीं रखे हैं। हमें भी काम करवाना था इसलिए हमने दे दिया।

लेकिन अचानक हमारे निर्माण को तोड़ दिया गया। जबकि इसकी सूचना पहले से नहीं दी गई थी। हम लोगों ने किसी भी तरह की न तो हाथापाई की है और न ही गाड़ी में तोड़फोड़ की है, हमारे पास पूरा वीडियो है।

आस-पास भी अवैध कब्जा, उन पर कार्रवाई नहीं

जिनके मकान तोड़े गए हैं, उन्होंने निगम पर पक्षपात का भी आरोप लगाया है। उन्होंने आयुक्त से कहा कि आस-पास भी सभी कब्जा कर रेस्टोरेंट और कैफे बनाए हैं। यहां तक की नाली के ऊपर भी निर्माण कर लिया गया है।

लेकिन उसके बाद भी उन पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। इस पर आयुक्त ने कहा कि नियमत: सभी को नोटिस जारी किया है। नोटिस देने की अवधि पूरी होने के बाद कार्रवाई की जाएगी। घूस मांगने बात निराधार, हमने नोटिस दिया था, उसके बाद कार्रवाई की

इस मामले में जोन आयुक्त अजय राजपूत का कहना है कि पैसे मांगने की बात पूरी तरह निराधार है। संबंधित व्यक्ति को चार बार नोटिस दिया गया था। किसी भी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई थी। जब हमने कार्रवाई की तो उस दौरान भी कार्य चल रहा था।

हमने कार्य को रोकते हुए निर्माण को तोड़ा गया। कुछ व्यक्ति द्वारा मेरे सरकारी गाड़ी में तोड़फोड़ की गई है। गाली-गलौज किया गया है। उसके लिए मैंने थाना सुपेला में पत्र लिखा है।

उन्हें कई बार नोटिस दिया गया था, लेकिन उन्होंने निर्माण जारी रखा। उनके पास किसी भी तरह की अनुमति नहीं थी, इसलिए उनपर कार्रवाई की गई।

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