Uncategorized

नेपाल में फंसे छत्तीसगढ़ के 5 युवक, सभी सुरक्षित लौटे:इंडियन एम्बेसी ने की मदद, सुरक्षित भारत की सीमा में हुई वापसी पशुपतिनाथ दर्शन के लिए गए थे युवा, हुई वापसी।

By Dinesh chourasiya

पशुपतिनाथ दर्शन के लिए गए थे युवा, हुई वापसी। - Dainik Bhaskar
पशुपतिनाथ दर्शन के लिए गए थे युवा, हुई वापसी।

नेपाल में भड़की हिंसा के बीच हालात तनावपूर्ण हैं। तख्तापलट, विरोध प्रदर्शन, आगजनी के बीच अंबिकापुर से नेपाल गए पांच युवक फंस गए थे। इसकी जानकारी मिलने पर पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने सीएम विष्णुदेव साय और विदेश मंत्रालय से बात की। इंडियन एम्बेसी ने युवकों से संपर्क किया और उनकी मदद की। पांचों युवक सुरक्षित हैं और इंडियन एम्बेसी की मदद से वे गुरुवार दोपहर भारत सीमा पर पहुंच गए हैं।

जानकारी के मुताबिक, अंबिकापुर के सदर रोड निवासी मोहित जिंदल अपने चार दोस्त अनमोल अग्रवाल, अंबर जैन, वेदप्रकाश पांडेय, शंभु सरदार के साथ 3 सितंबर को कार से नेपाल के लिए रवाना हुए। वे पशुपतिनाथ के दर्शन के लिए गए थे। वे काठमांडू में थे, इस दौरान वह हिंसा भड़की। आगजनी और कर्फ्यू जैसे हालात में अंबिकापुर के पांचों युवक नेपाल में फंस गए।

पर्यटन मंत्री ने की पहल, भारत की सीमा पर पहुंचे

नेपाल में फंसे युवाओं ने वॉट्सऐप की मदद से परिजनों से संपर्क किया। युवकों ने बताया कि वे सुरक्षित हैं, लेकिन स्थिति बिगड़ गई है और वे फंस गए हैं। नेपाल के सभी बड़े शहरों तक विरोध प्रदर्शन और आगजनी की घटनाओं से चिंतित परिवार के सदस्यों ने पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल से संपर्क किया। युवकों ने भी खुद राजेश अग्रवाल से संपर्क कर पूरी जानकारी दी।

राजेश अग्रवाल ने इसकी जानकारी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को दी। उनके माध्यम से दिल्ली विदेश मंत्रालय को जानकारी दी गई। नेपाल में फंसे युवक मोहित जिंदल के बड़े भाई शुभम अग्रवाल ने बताया कि पर्यटन मंत्री की पहल के बाद नेपाल में इंडियन एम्बेसी के अधिकारियों ने संपर्क किया।

मोहित जिंदल ने बताया कि इंडियन एम्बेसी ने उन्हें वापस भारत भेजने के लिए पहल की। इंडियन एम्बेसी की ओर से सहयोग किया गया और सभी को सुरक्षित भारत सीमा तक पहुंचाया। गुरुवार को सभी युवक कार से बार्डर पार कर भारत लौट गए हैं। इससे परिजनों ने राहत की सांस ली है। शुक्रवार शाम तक सभी युवकों के अंबिकापुर लौट आने की उम्मीद है।

Related Articles

Back to top button