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जम्मू कश्मीर के कुलगाम में सेना की आतंकियों से मुठभेड़:लश्कर का एक आतंकी मारा गया, 3-4 अब भी छिपे; 2 जवान घायल

By Dinesh chourasiya

मुठभेड़ के दौरान जवानों ने एक आतंकी को मार गिराया है। - Dainik Bhaskar

कश्मीर के कुलगाम में मुठभेड़ के दौरान एक आतंकी को मार गिराया है। मारे गए आतंकवादी की पहचान शोपियां के रहने वाले आमिर अहमद डार के रूप में हुई है। वह लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा था और सितंबर 2023 से एक्टिव था। पहलगाम हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों की तरफ से जारी 14 आतंकवादियों की लिस्ट में यह भी शामिल था।

सोमवार सुबह गुड्डर के जंगलों में आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ शुरू हुई। सेना ने इसे ऑपरेशन गुड्‌डर नाम दिया है। इस दौरान एक JCO समेत 2 जवान घायल हुए हैं।

पुलिस, सेना की 9RR और CRPF की एक जॉइंट टीम ने आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद इलाके में सर्चिंग शुरू की थी।

जानकारी के मुताबिक जंगल में लश्कर के 2 से ज्यादा आतंकी छिपे हैं। दोनों ओर से गोलीबारी जारी है और अतिरिक्त सुरक्षा बल इलाके में भेजे गए हैं।

तलाशी लेने गई टीम पर आतंकियों ने की गोलीबारी

आतंकियों के छिपे होने की खबर मिलने के बाद टीम गुड्डर के जंगलों में संदिग्ध जगह पहुंची। जहां छिपे हुए आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। इसके बाद जवानों ने जवाबी फायरिंग की।

आरएस पुरा बॉर्डर के पास घुसपैठिया गिरफ्तार

इसके अलावा जम्मू के आरएस पुरा सेक्टर में इंटरनेशनल बॉर्डर से एक पाकिस्तानी घुसपैठिए को गिरफ्तार किया गया है। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सरगोधा का रहने वाला सिराज खान नाम के घुसपैठिए को रविवार रात 9.20 बजे ऑक्ट्रोई चौकी पर तैनात BSF जवानों ने देखा।

कुछ राउंड फायरिंग के बाद उसे बॉर्डर फेंसिंग के पास गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से कुछ पाकिस्तानी करेंसी भी मिली है। घुसपैठ करने की उसकी कोशिश के पीछे के मकसद का पता लगाने के लिए उससे पूछताछ की जा रही है।

अगस्त में हुए 2 ऑपरेशन

  • गुरेज सेक्टर में मारे गए थे 2 आतंकी: 26 अगस्त में जम्मू-कश्मीर के गुरेज सेक्टर में हुई एक मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए थे। उनमें से एक की पहचान बागू खान के रूप में हुई, जिसे ‘ह्यूमन GPS’ कहा जाता था। सुरक्षा बलों को दशकों से सकी तलाश थी क्योंकि वह 1995 से 100 से ज़्यादा घुसपैठ की कोशिशों में शामिल था। अधिकारियों के अनुसार, वह घुसपैठ के सभी रास्तों से वाकिफ था और बिना पकड़े उन्हें अंजाम देता था, इसलिए उसे ‘मानव जीपीएस’ नाम दिया गया था।
  • कुलगाम में चला था सबसे लंबा ऑपरेशन: 1 से 12 अगस्त श्रीनगर से लगभग 70 किलोमीटर दूर कुलगाम में ऑपरेशन अखल नामक एक ऑपरेशन चलाया गया। इसमें लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का एक आतंकवादी मारा गया। इसकी पहचान पुलवामा निवासी हारिस डार के रूप में हुई थी।

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