
गुजरात में फटाखा फैक्ट्री में हादसा 20 मजदूरों की मौत इनमें 5 से 8 साल के बच्चे भी
By Dinesh chourasiya
गुजरात में एक पटाखा फैक्ट्री का बॉयलर फटने से मृत 10 मजदूरों के शव आज मध्यप्रदेश लाए जा रहे हैं। धमाका इतना भीषण था कि कई मजदूरों के शरीर के अंग 50 मीटर दूर तक बिखर गए। फैक्ट्री के पीछे खेत में भी कुछ मानव अंग मिले हैं।
हादसा मंगलवार सुबह 8 बजे बनासकांठा के नजदीक डीसा में हुआ। सभी मजदूर हरदा और देवास जिले के रहने वाले थे। इस हादसे में अब तक 20 शव बरामद हुए हैं। इनमें से 18 की पहचान हो गई है। इनमें 5 से 8 साल तक के बच्चे भी हैं।







8 शव हरदा के, 10 देवास जिले के परिवार के 8 शव हरदा के परिवार के जबकि 10 देवास जिले के हैं। दो शव ज्यादा जले हैं, जिनकी पहचान के लिए डीएनए टेस्ट किया जाएगा। माना जा रहा है कि ये हरदा के ही हैं। पहले हादसे में 21 मजदूरों की मौत की बात सामने आई थी।
एम्बुलेंस के जरिए एमपी लाए जा रहे सभी शव 8 मजदूरों का इलाज चल रहा है। इनमें 3 की हालत गंभीर है। ठेकेदार और हरदा परिवार का एक सदस्य लापता है। शव लेने पुलिस-प्रशासन टीम के साथ मंत्री नागर सिंह भी गुजरात गए हैं।
बुधवार सुबह उन्होंने बताया कि देवास के 10 मजदूरों के शव उनके पैतृक गांव के लिए रवाना किए जा चुके हैं। बाकी शव भी पोस्टमॉर्टम के बाद भिजवाए जाएंगे। शवों को लेकर निकलीं एम्बुलेंस और प्रशासनिक अधिकारी गोधरा से आगे निकल चुके हैं।




रास्ते में भारी ट्रैफिक, देर रात तक पहुंचेंगे शव हालांकि कहा जा रहा है कि भारी ट्रैफिक के चलते शव आज देर रात तक एमपी पहुंच पाएंगे। परिजन ने कहा कि ऐसी स्थिति में सूर्यास्त के बाद अंतिम संस्कार नहीं किया जा सकेगा।
कल नेमावर में नर्मदा तट पर अंतिम संस्कार देवास जिले में एक साथ इतने शवों को आइस बॉक्स में रखने की सुविधा नहीं है। इसलिए सभी शवों को इंदौर एमवाय अस्पताल की मॉर्चुरी में रखा जाएगा। गुरुवार सुबह इंदौर से शवों को संदलपुर लाया जाएगा। अंतिम संस्कार नेमावर में नर्मदा तट पर किया जाएग।




