रायपुर में भूपेश बघेल बोले- प्रदेश अध्यक्ष बदलने का फैसला हाईकमान का:कहा- मैं इस मामले में नहीं बोलूंगा, टीएस सिंहदेव बनाए जा सकते हैं पीसीसी अध्यक्ष
By Dinesh chourasiya

चुनावी नतीजों के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष बदले जाने की चर्चा है। दीपक बैज की जगह टीएस सिंहदेव पीसीसी अध्यक्ष बनाए जा सकते हैं। लेकिन पार्टी के बड़े नेता इस बारे में सीधे कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
रायपुर एयरपोर्ट में मीडिया से बातचीत के दौरान जब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से इस बारे में पूछा गया तब उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष पद पर नियुक्ति के बारे में कोई भी टिप्पणी करने का अधिकार केवल पार्टी की हाईकमान को है।








हम अपनी राय देंगे लेकिन फैसला हाईकमान लेगी
भूपेश बघेल ने कहा कि, संगठन में प्रदेश स्तर की नियुक्तियों पर फैसला हाईकमान लेगी। ना हम इस मामले में बात करते और ना ही इसके लिए अधिकृत हैं। उन्होंने कहा कि ये हाईकमान का विशेषाधिकार है।
अगर हमें इस बारे में किसी भी तरह की सलाह या टिप्पणी करने के लिए कहा जाता है, तो हम अपनी राय जरूर देंगे, लेकिन निर्णय लेना और टिप्पणी करने का अधिकार हाईकमान का है।




जिम्मेदारी मिलने के बाद पहली बैठक
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को कांग्रेस पार्टी ने राष्ट्रीय महासचिव और पंजाब के प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी है। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद 19 फरवरी को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे ने नए प्रभारियों को बैठक बुलाई है जिसमें बघेल शामिल होंगे।
नई भूमिका को लेकर उन्होंने कहा कि वे दिल्ली जाकर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व का धन्यवाद करेंगे और दी गई जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाएंगे।
सोशल मीडिया पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का गुस्सा
राज्य में चुनावी हार के बाद सोशल मीडिया पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के असंतोष दिखाई दे रहा है। इस मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि, सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देना अलग बात है, लेकिन पार्टी के निर्णयों और मुद्दों पर चर्चा के लिए सही मंच पार्टी फोरम ही है। बड़ी हार हुई है, और मैं अपनी बात संगठन के भीतर ही रखूंगा।
नगरीय निकाय चुनाव में हार पर बोले भूपेश बघेल
हाल ही में हुए नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। जिसके बाद पार्टी के भीतर असंतोष के स्वर उठने लगे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने इस हार का कारण पार्टी में आपसी तालमेल की कमी बताया। हालांकि, भूपेश बघेल ने इस बयान से खुद को अलग करते हुए कहा कि, ये उनका निजी विचार है।




