भिलाई में टैक्स बचाने चलाई एक नंबर की 2 बस हीरा बस सर्विस की बसें जब्त; धोखाधड़ी का मामला दर्ज
By Dinesh chourasiya
भिलाई में एक ही नंबर प्लेट से 2 बस चलाई जा रही थी। ये बस हीरा सिंह जाट की हैं, जो हीरा बस सर्विस के नाम से चल रही थीं। मामला जामुल थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने फर्जी नंबर लगी बस को जब्त कर संचालक के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
जानकारी के मुताबिक हीरा सिंह जाट राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव का रहने वाला है। भिलाई में एसीसी चौक के पास भी आरोपी का हीरा ट्रांसपोर्ट के नाम से ऑफिस है। आरोपी ने टैक्स बचाने के लिए एक नंबर की 2 नंबर प्लेट बना ली।








जामुल थाना प्रभारी कपिल देव पांडेय को इसकी जानकारी मिली थी। वो खुद अपनी टीम के साथ बेरला रोड मुंगेरा के ठेंगाभाठ पहुंचे और वहां ड्राइवर के घर से 40 सीटर बर को जब्त करके जामुल थाने लाया गया।
ड्राइवर को थाने में लाकर पूछताछ की जा रही है। उसने एक नंबर प्लेट दो बस में लगाने की बात को कबूल कर लिया है। इसके बाद पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
एक नंबर प्लेट से कई बस चलाने की शिकायत




बताया जा रहा है कि किसी ने दुर्ग एसपी जितेंद्र शुक्ला से एक नंबर प्लेट से कई बस चलाने की शिकायत की थी। इसके बाद एसपी ने सीएसपी हरीश पाटिल और टीआई कपिल देव पांडेय को इसका प्वाइंट दिया। एसपी के निर्देश पर तुरंत जामुल टीआई टीम लेकर रवाना हुए और बस को जब्त करके ले आए।

रात भर थाने में लगा रहा बस छुड़ाने वालों का मजमा
एक नंबर प्लेट की दो बस पकड़ी जाने के बाद आरोपी हीरा सिंह जाट परेशान हो गया। उसने मामले को रफा दफा करने के लिए थाने से लेकर कई अधिकारियों तक सोर्स लगा दिया, लेकिन उसकी एक नहीं चली।
इसके बाद जामुल थाने में कई भाजपा से जुड़े नेता और ट्रांसपोर्टर पहुंचे। जब टीआई थाने ही नहीं पहुंचे तो वो लोग बैरंग लौट गए। इसके बाद टीआई के निर्देश पर देर रात मामला दर्ज किया गया।
रद्द हो सकता है दोनों बसों का परमिट
इस तरह एक ही नंबर प्लेट को दो गाड़ियों में लगाकर चलाना गैरकानूनी है। नियम के मुताबिक ऐसा करने पर धोखाधड़ी का मामला बनता है, जो जामुल पुलिस ने दर्ज कर लिया है। वहीं आरटीओ जुर्माना लगाने के साथ ही बस का रजिस्ट्रेशन और परमिट को रद्द कर सकता है। अब देखना होगा कि दुर्ग आरटीओ इस पर क्या कार्रवाई करता है।

इस तरह 2 बसों में मिली एक नंबर प्लेट
हीरा सिंह जाट ने एक ही रंग और एक ही डिजाइन को दो बसों में एक ही नंबर प्लेट CG 07 E 0872 नंबर प्लेट को लगाकर चला रहा था। इसके लिए आरोपी ने छत्तीसगढ़ शासन से बकायदा मान्यता ली है और बस में उसे लिखवाया भी गया है।
दोनों बसों में कुछ ही अंतर है। एक बस में पीछे शेर का लोगो बना है तो दूसरे में नहीं बना है, वहीं एक में पीछे स्टॉप अलग डिजाइन से लिखा है। इस अंतर से ही बसों की पहचान होती है।
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