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CG के केशकाल घाट का काम अधूरा.10 दिसंबर तक आवाजाही बंद:बसों को 40 और ट्रकों 80KM ज्यादा करना पड़ेगा सफर,

By Dinesh chourasiya

छ्त्तीसगढ़ में रायपुर-जगदलपुर नेशनल हाईवे 30 पर स्थित केशकाल घाट 26 नवंबर से 10 दिसंबर तक इन 15 दिनों के लिए घाट बंद रहेगा। रायपुर से जगदलपुर और जगदलपुर से रायपुर जाने वाले यात्रियों को फिर से परिवर्तित मार्ग से आवाजाही करनी पड़ेगी, जिससे 6 घंटे की जगह अब 7 घंटे का समय लगेगा।

मिली जानकारी के मुताबिक बस के लिए अलग रूट और ट्रकों के लिए अलग रूट निर्धारित है। बसों को अतिरिक्त 40 से 42 किमी और ट्रकों को लगभग 80 किमी अतिरिक्त सफर तय करना होगा, जिससे डीजल गाड़ियों को 8-10 लीटर तेल ज्यादा खपत करना पड़ेगा। हालांकि बस संचालकों ने किराए में बढ़ोतरी नहीं की है।

10 दिसंबर तक बंद है केशकाल घाट

दरअसल, सड़क निर्माण का काम 10 नवंबर से शुरू हुआ था, तब विभाग ने कहा था कि 25 नवंबर तक काम पूरा हो जाएगा, लेकिन अब यह तारीख बढ़कर 10 दिसंबर हो गई है, जिसके कारण रूट को फिर से बंद कर दिया गया है।

यात्रियों को कांकेर से केशकाल पहुंचने से पहले लगभग 30 किमी का सफर तय करना पड़ता था, लेकिन अब दुधवा वाले डायवर्ट मार्ग से ज्यादा दूर पड़ रहा है। हालांकि उस मार्ग की भी हालत खस्ता हो गई है। ऐसे में यात्रियों को काफी तकलीफ हो रही है

ये होगा मार्ग…

  1. यात्री बसों के लिए- रायपुर और जगदलपुर दोनों दिशाओं से आने-जाने वाली यात्री बसों को जगदलपुर से कोंडागांव, केशकाल के विश्रामपुरी चौक, विश्रामपुरी मचली, गोविंदपुर, दुधावा, धमतरी होते हुए रायपुर जाना होगा।
  2. दो पहिया, चार पहिया और इमरजेंसी वाहनों के लिए- रायपुर की ओर से आने वाले रायपुर, धमतरी, कांकेर, केशकाल घाट से होते हुए कोंडागांव और फिर जगदलपुर जा सकते हैं। वहीं जगदलपुर से कोंडागांव, केशकाल बटराली, रांधा , उपरमुरवेंड, मुरनार कांकेर, धमतरी और फिर रायपुर तक जा सकते हैं।
  3. मालवाहक भारी वाहनों के लिए – जगदलपुर से, कोंडागांव, केशकाल, विश्रामपुरी, मालगांव, बोरई, नगरी, दुगली, कुरूद होते हुए रायपुर जा सकते हैं। वहीं रायपुर से आने वाली वाहनें रायपुर, धमतरी, कांकेर, भानुप्रतापपुर, अंतागढ़, नारायणपुर, कोंडागांव होते हुए जगदलपुर पहुंच सकती है।
घाट में हरदिन जाम लगता था।

हर दिन चलती है सैकड़ों वाहनें

इस मार्ग से हर दिन रायपुर से कोंडागांव, जगदलपुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर समेत पड़ोसी राज्य ओडिशा, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के लिए सैकड़ों छोटी-बड़ी वाहनें चलती हैं। ऐसे में सड़क पर लोड भी काफी बढ़ा रहता है। आयरन ओर लेकर हरदिन सैकड़ों ट्रकें गुजरती हैं।

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