
CG में 3 घोटालों के आरोपियों को अलग-अलग रखने का आदेश:अनवर अंबिकापुर, AP जगदलपुर जेल में होंगे शिफ्ट; ढेबर के वकील बोले- HC में देंगे चुनौती
By Dinesh chourasiya
छत्तीसगढ़ के अलग-अलग घोटालों के आरोपियों को अब अलग-अलग जेल में शिफ्ट किया जाएगा। रायपुर में ED की स्पेशल कोर्ट ने यह आदेश दिया है। इसमें आबकारी, कोयला और कस्टम मिलिंग घोटाला के आरोपी शामिल हैं।
आदेश 3 घोटालों के आरोपियों के लिए जारी हुआ है। इसमें आबकारी घोटाले में 3 आरोपी कारोबारी अनवर ढेबर को अंबिकापुर, पूर्व IAS अनिल टुटेजा को कांकेर और एपी त्रिपाठी को जगदलपुर जेल में शिफ्ट किया जाएगा। वहीं कस्टम मिलिंग के आरोपी मार्कफेड के पूर्व MD मनोज सोनी को दंतेवाड़ा और कोयला घोटाले के मुख्य सरगना सूर्यकांत तिवारी को जगदलपुर जेल में शिफ्ट किया जाएगा।







आदेश को हाईकोर्ट में चैलेंज करेंगे
अनवर ढेबर के वकील अमीन खान ने इस मामले पर कहा कि जेल प्रबंधन की ओर से कोर्ट में कौन सा आवेदन लगाया गया था इसकी जानकारी नहीं है। हमें किसी आदेश की जानकारी नहीं दी गई, ना ही किसी आवेदन पर कोर्ट ने हमें सुना है।
न्याय प्रणाली में अभियुक्त को बिना सुने हुए इस तरह के आदेश नहीं होते हैं। अगर न्यायालय ने कोई आदेश किया है तो वह किस आधार पर किया है यह आदेश पढ़ने के बाद समझ आएगा। अगर जेल शिफ्टिंग जैसा आदेश है तो हम इसे हाईकोर्ट में चैलेंज करेंगे।




क्या है कस्टम मिलिंग घोटाला?
ED ने कस्टम मिलिंग स्कैम में मार्कफेड के पूर्व MD मनोज सोनी सहित 5 पर FIR दर्ज कराई है। आरोप है कि 140 करोड़ रुपए की अवैध वसूली की गई। इसमें अफसरों से लेकर मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी तक शामिल हैं।
अलग-अलग राइस मिलर्स के द्वारा नागरिक आपूर्ति निगम और एफसीआई में कस्टम मिलिंग का चावल जमा किया जाता है। इस प्रकिया में भ्रष्टाचार कर प्रति क्विंटल के हिसाब से अवैध राशि की वसूली की गई। जांच में पता चला है कि एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष रोशन चंद्राकर लेवी वसूलते और अफसरों को जानकारी देते, जिनसे रुपए नहीं मिलते उनका भुगतान रोक दिया जाता।




