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CG-महाराष्ट्र बॉर्डर पर 41 लाख इनामी समेत 3 नक्सली ढेर जनवरी से सितंबर तक 157 ढेर

By Dinesh chourasiya

छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बॉर्डर पर सुरक्षाबलों ने नारायणपुर के अबूझमाड़ में एक महिला समेत 3 नक्सलियों को मार गिराया। इनमें एक नक्सली की पहचान DKSZC मेंबर रुपेश और दूसरे की DVCM जगदीश के रूप में हुई है।

 एनकाउंटर में मारे गए दोनों नक्सली पर 41 लाख का इनाम था। वहीं मृत महिला नक्सली की पहचान नहीं हुई है।

जनवरी से सितंबर तक बस्तर में एनकाउंटर की बात करें तो अब तक कुल 157 नक्सली मारे गए हैं। 663 की गिरफ्तारी और 656 ने सरेंडर किया है। इन सभी पर लाखों रुपए का इनाम था।

सोमवार को छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बॉर्डर पर मुठभेड़

दरअसल, पुलिस को सूचना मिली थी कि अबूझमाड़ के जंगलों में भारी संख्या में नक्सली मौजूद हैं। सूचना के आधार पर 23 सितंबर को जवानों को सर्च ऑपरेशन पर भेजा गया।

वहीं जवान उसी दिन शाम को नक्सलियों के ठिकाने पर पहुंच गए। नक्सलियों ने जवानों को देखकर गोलीबारी की।

4-5 घंटे तक हुई गोलीबारी

इस दौरान जवानों ने भी मोर्चा संभाला और नक्सलियों की गोलियों का जवाब दिया। करीब 4 से 5 घंटे तक रुक-रुककर गोलीबारी हुई। जब फायरिंग रुकी तो जवानों ने सर्च ऑपरेशन चलाया।

2 पुरुष समेत एक महिला नक्सली का शव बरामद किया गया। जवान ऑपरेशन को सफल बनाकर 24 सितंबर की शाम नारायणपुर पहुंचे।

पुरुष नक्सली को जवानों ने मुठभेड़ में मार गिराया।

महाराष्ट्र और MP का मारा गया नक्सली

DKSZC मेंबर रुपेश पर 25 लाख और DVCM जगदीश पर 16 लाख का इनाम घोषित था। रुपेश महाराष्ट्र के गढ़चिरौली और जगदीश MP का रहने वाला था।

इन दोनों पर कुल 41 लाख रुपए का इनाम था। पुलिस मृत महिला नक्सली की शिनाख्त करने की कोशिश कर रही है।

ये हथियार बरामद

जवानों ने 3 नक्सलियों के शवों के साथ ही 1 AK-47, 1 इंसास राइफल, 1 SLR और 1 नग 12 बोर बंदूक बरामद किया है। इसके अलावा भारी मात्रा में दैनिक उपयोग के सामान और विस्फोटक बरामद किए गए हैं।

मुठभेड़ में ढेर महिला नक्सली की नहीं हो सकी पहचान।

14 सितंबर को भी मारा गया था एक नक्सली

इससे पहले 14 सितंबर को सुकमा में जवानों ने मुठभेड़ में एक नक्सली को मार गिराया। शव के पास से ही भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक और अन्य सामग्री बरामद हुई थी।

पुलिस को सूचना मिली थी कि, चिंतागुफा क्षेत्र में तुमालपाड़ की पहाड़ी पर नक्सली मौजूद हैं। इसके बाद जिला बल, DRG और बस्तर फाइटर्स के जवानों को सर्च ऑपरेशन पर भेजा गया था।

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