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रायपुर सेंट्रल जेल से अंबेडकर अस्पताल लाए गए लखमा:आंखों का होगा इलाज, कांग्रेस ने लगाया था लापरवाही का आरोप; पुलिस फोर्स रहेगी तैनात

By Dinesh chourasiya

छत्तीसगढ़ शराब घोटाले मामले में जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को इलाज के लिए रायपुर के अंबेडकर अस्पताल में भर्ती किया गया है। यहां उनकी आंखों का इलाज किया जाएगा। लखमा का इलाज सुरक्षित तरीके से हो, इसके लिए शासन ने उनके साथ पुलिस बल की व्यवस्था भी की है।

कांग्रेस ने जेल में बंद कवासी लखमा के इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया था। पूर्व विधायक विकास उपाध्याय और कुलदीप जुनेजा ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अरुण देव गौतम से मुलाकात की थी। कवासी लखमा को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराने की मांग की थी।

पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने बताया कि वरिष्ठ विधायक कवासी लखमा को इलाज के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सुरक्षा का पूरा इंतजाम किया गया है।

लखमा को बाहर इलाज की अनुमति नहीं

कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि कवासी लखमा वरिष्ठ मंत्री और 6 बार के विधायक रहे हैं, फिर भी उनके इलाज में लापरवाही की जा रही थी। सरकार पक्षपातपूर्ण व्यवहार कर रही है।

कांग्रेस पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने कहा कि पूर्व मंत्री कवासी लखमा के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बनी हुई थी। जेल अस्पताल लखमा को इलाज के लिए बाहर रेफर किया है। लेकिन उनको जेल के बाहर अस्पताल नहीं ले जाया जा रहा था।

शराब घोटाले में जेल में बंद हैं लखमा

बता दें कि पूर्व मंत्री कवासी लखमा को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शराब घोटाला मामले में 15 जनवरी 2025 को गिरफ्तार किया था। फिलहाल, वे रायपुर के सेंट्रल जेल में बंद हैं।

अब जानिए क्यों हुई लखमा की गिरफ्तारी

ED का आरोप है कि पूर्व मंत्री और मौजूदा विधायक कवासी लखमा सिंडिकेट के अहम हिस्सा थे। लखमा के निर्देश पर ही सिंडिकेट काम करता था। इनसे शराब सिंडिकेट को मदद मिलती थी। वहीं, शराब नीति बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कवासी लखमा के इशारे पर छत्तीसगढ़ में FL-10 लाइसेंस की शुरुआत हुई। ED का दावा है कि लखमा को आबकारी विभाग में हो रही गड़बड़ियों की जानकारी थी, लेकिन उन्होंने उसे रोकने के लिए कुछ नहीं किया।

कमीशन के पैसे से बेटे का घर बना, कांग्रेस भवन निर्माण भी

ED के वकील सौरभ पांडेय ने कोर्ट में बताया था कि 3 साल शराब घोटाला चला। लखमा को हर महीने 2 करोड़ रुपए मिलते थे। इस दौरान 36 महीने में लखमा को 72 करोड़ रुपए मिले। ये राशि उनके बेटे हरीश कवासी के घर के निर्माण और कांग्रेस भवन सुकमा के निर्माण में लगे।

ED ने कहा था कि छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले से सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ है। शराब सिंडिकेट के लोगों की जेबों में 2,100 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध कमाई भरी गई। नेता, कारोबारी और अधिकारियों ने जमकर अवैध कमाई की।

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