भिलाई में MMS कांड पर भाजपाइयों ने फूंका देवेंद्र यादव का पुतला:कहा-विधानसभा में साबित हुआ झूठी फोरेंसिक रिपोर्ट दिखाई; फफक-कर रोये थे भिलाई विधायक
By Dinesh chourasiya

भिलाई नगर से कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव को लेकर वायरल MMS मामले में मंगलवार को हंगामा हो गया। बड़ी संख्या में भाजपाई सिविक सेंटर के बाहर एकत्र हो गए और देवेंद्र यादव का पुतला फूंका। आरोप लगाया कि विधायक ने फर्जी फोरेंसिक रिपोर्ट दिखाकर वोट लिए।
पूरा मामला करीब 4 महीने पुराना है। MMS में दिख रहे युवक को विधायक बताया गया। इसके बाद देवेंद्र यादव ने रोते हुए सफाई दी थी। उन्होंने कहा था कि, राजनीति के लिए भाजपा के लोग उनके निजी जीवन की हत्या करने पर तुले हुए हैं। विधायक ने MMS की फोरेंसिक रिपोर्ट भी दिखाई थी।







भाजपाई बोले- फोरेंसिक जांच कराई ही नहीं गई
भाजपा नेता तुलसी साहू और भिलाई निगम में नेता प्रतिपक्ष भोजराज सिन्हा ने कहा कि, देवेंद्र यादव ने यह दावा किया था कि इस MMS को लेकर उन्होंने FIR कराई थी। वीडियो कर फोरेंसिक जांच कराई। यह भी कहा था कि रिपोर्ट में आया कि वीडियो में दिख रहा युवक देवेंद्र यादव नहीं है।
दोनों नेताओं ने कहा कि, विधानसभा में मामला उठा तो गृहमंत्री ने साफ कर दिया कि ऐसी कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। न ही इस वीडियो की फोरेंसिक जांच कराई गई है। आरोप लगाया कि देवेंद्र यादव ने झूठी रिपोर्ट को महिलाओं-बहनों के सामने रखकर वोट मांगे और उनकी संवेदनाओं से खिलवाड़ किया।





तुलसी साहू ने कहा- गलत कार्यों के चलते छोड़ी कांग्रेस
भाजपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ की प्रदेश मंत्री तुलसी साहू ने कहा कि वो कांग्रेस में थीं। जब उन्होंने देखा कि विधायक और पार्टी के बड़े नेता इस तरह के कृत्य गैर कानूनी कार्य, महादेव सट्टा, कोयला घोटाला आदि में शामिल हैं तो उन्होंने पार्टी से किनारा करना उचित समझा।
विधानसभा में मामला उठने के बाद भड़के भाजपाई
चुनाव के बाद सरकार बदली और विधानसभा बजट सत्र के दौरान भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने इसे लेकर सवाल पूछा। इस पर गृहमंत्री विजय शर्मा ने जवाब दिया कि दुर्ग एसपी ने राष्ट्रीय फोरेंसिक साईंस यूनिवर्सिटी गांधीनगर (गुजरात) से जांच कराई। जांच पर तुलनीय मानकों के अभाव में कोई निश्चित राय नहीं बनाई जा सकी है।

देवेंद्र यादव ने कहा था- मैंने खुद फॉरेंसिक जांच कराई
विधायक देवेंद्र यादव ने तब रिपोर्ट दिखाते हुए कहा था कि, उन्होंने इस मामले की शिकायत पुलिस से की थी। पुलिस ने मामले की फोरेंसिक जांच भी कराई। पुलिस ने जांच में पाया कि सबसे पहले ये वीडियो हैदराबाद से जारी हुआ था। इसके बाद से वो नम्बर लगातार बंद आ रहा है, जिसके जरिए वीडियो वायरल हुआ।




