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दुर्ग से चलने वाली संपर्क क्रांति, दुर्ग-अजमेर सारनाथ एक्सप्रेस जैसी 13 एक्सप्रेस ट्रेनों में  धुआं बताने वाला अलार्म लगा, सिगरेट बीड़ी पीते ही बजने लगेगा सायरन

By Dinesh chourasiya

ट्रेनों में आग लगने की घटनाओं और धूम्रपान पर अंकुश लगाने के लिए एडवांस फायर एंड स्मोक सिस्टम लगाया गया है। इससे धुआं उठते ही ट्रेन में सायरन बजने लगेगा। लाइट से संकेत मिलने लगेंगे और ऑडियो से भी यात्रियों को सतर्क किया जाएगा। यह सिस्टम रायपुर रेल मंडल के अंतर्गत दुर्ग रेलवे स्टेशन से निकलने वाली 13 ट्रेनों में लगाया गया है। इसमें दुर्ग-नवतनवा, दुर्ग-अजमेर (2 ट्रेन), दुर्ग-निजामुद्दीन (संपर्कक्रांति एक्सप्रेस), दुर्ग-उधमपुर, दुर्ग-पटना (राजेंद्र नगर) दक्षिण बिहार एक्सप्रेस, दुर्ग-छपरा (सारनाथ एक्सप्रेस), दुर्ग-जम्मूतवी, दुर्ग-निजामुद्दीन (हमसफर एक्सप्रेस) समेत अन्य ट्रेनें शामिल हैं। इन ट्रेनों के पेंट्रीकार समेत अन्य कोच में यह सिस्टम लगाया गया है। इस सिस्टम से एसी कोच में धूम्रपान करने वालों को भी चिन्हित किया जा सकेगा। चलती ट्रेनों में धूम्रपान करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ट्रेनों में धूम्रपान करने से सहयात्रियों को दिक्कतें होती हैं और आग लगने की आशंका भी बनी रहती है। धुआं उठते ही यह अलार्म बज उठेगा

एसी कोच में 8 से 11 स्मोक सेंसर लगाए गए, इससे स्वत: ब्रेक भी लग जाएगा

ट्रेनों के सभी एसी कोच में फायर एंड स्मोक डिटेक्शन सिस्टम के अंतर्गत लगभग 8-11 स्मोक सेंसर लगाए गए हैं, जो शौचालयों के गैंग वे-एरिया और कोच के अंदर उपयुक्त स्थान में लगे हैं। स्मोक डिटेक्शन एक लूप में कंट्रोल मॉड्यूल से जुड़ा होता है। आग लगने की स्थिति में यह कंट्रोल मॉड्यूल ऑडियो विजुअल साउंड अलार्म, लाइट इंडिकेटर, प्री-लोडेड घोषणा के लिए पीए सिस्टम और ब्रेक का स्वचालित रूप से कार्यरत हो जाएगा तथा ट्रेन को रोककर और यात्रियों को सतर्क करने में मदद करता है। इसके अतिरिक्त पावर कार तथा पैंट्री कार समेत एसी कोचों में अग्नि शमन यंत्र भी लगाए गए हैं।

अब तक 450 एसी कोच, पेंट्रीकार और पावर कारों में सिस्टम लगा था

अभी तक एडवांस फायर एंड स्मोक सिस्टम को दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन के 450 से अधिक एसी कोच, पेंट्री कार और पावर कारों में लगाया जा चुका है। दुर्ग से निकलने वाली 13 ट्रेनों के साथ बिलासपुर से निकलने वाली बिलासपुर- नागपुर (वंदे भारत एक्सप्रेस), बिलासपुर -अमृतसर (छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस), बिलासपुर-इतवारी (शिवनाथ एक्सप्रेस), बिलासपुर-पटना एक्सप्रेस, बिलासपुर-पुणे एक्सप्रेस, रायगढ़-गोंदिया जनशताब्दी समेत 14 ट्रेनों में और नागपुर मंडल की एक ट्रेन में यह सिस्टम लगाया गया है। इससे यात्रियों को काफी राहत मिलने की उम्मीद की जा रही है।

धुएं का संकेत मिलते ही बजेगा अलार्म और सेंसर हो जाएगा सक्रिय

इससे यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है। इसके तहत एस्पिरेशन एवं हीट टाइप फायर एंड स्मोक डिटेक्शन सेंसर्स, सप्रेशन आउटलेट, पीएलसी पैसेंजर अलार्म बजर आदि उपकरण लगाए गए हैं। ट्रेनों के पावर कार एवं पैंट्रीकार में फायर स्मोक डिटेक्शन सिस्टम लगने से आने वाले दिनों में ट्रेन के अंदर आग लगने से पहले फायर स्मोक डिटेक्शन सिस्टम से अलार्म बजने लगेगा। इससे आग पर समय रहते काबू पा लिया जाएगा। धुंआ, चिंगारी या आग का संकेत मिलते ही सिस्टम में लगा सेंसर सक्रिय हो जाएगा। अलार्म बजने के साथ दोनों सिलेंडर क्रियाशील होकर प्रेशर बनाने लगेंगे।

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