
DURG सरकारी कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर खोला राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा सरकारी सेवाएं ठप:कलेक्ट्रेट, निगम कार्यालयों और कोर्ट में सन्नाटा रहा; स्कूलों में भी छुट्टी रही
By Dinesh chourasiya
दुर्ग महंगाई भत्ता बढ़ाए जाने जैसी अपनी कई मांगों को लेकर सरकारी कर्मचारियों ने शुक्रवार को प्रदर्शन किया। वे हड़ताल पर रहे। इसके चलते लगभग पूरी सरकारी सेवाएं ठप रहीं। कलेक्ट्रेट में जहां सन्नाटा पसरा रहा, निगम, राजस्व, न्यायालय और अन्य सरकारी कार्यालयों में पूरे दिन कोई काम नहीं हुआ। इतना ही नहीं स्कूलों में भी बच्चों को छुट्टी दे दी गई। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर यह हड़ताल की गई थी। एक दिन पहले शासन ने 5 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिए जाने की घोषणा की। इसका भी असर सरकारी अधिकारी और कर्मचारियों पर नहीं पड़ा। अधिकांश कर्मचारियों ने हड़ताल को अपना समर्थन दिया। हड़ताल के दौरान सिर्फ पेयजल, बिजली सप्लाई और स्वास्थ्य सुविधाओं को ही सुचारू रूप से चालू रखने का प्रयास किया गया। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी पहले ही हड़ताल पर चल रहे हैं। इसके चलते स्वास्थ्य सेवाएं पहले से ठप पड़ी हुई है।
9 प्रतिशत महंगाई भत्ता चाहिए सीएम ने 5% की घोषणा की काम कमल बंद काम बंद हड़ताल में स्वायत्तशासी कर्मचारी महासंघ भी पूरी तरह से शामिल हुआ। 5 सूत्रीय मांगों को लेकर एक दिवसीय हड़ताल में रहे। पहले सभी कर्मचारी -अधिकारी निगम गेट में सुबह 10 बजे एकजुट होकर नारेबाजी की। संगठन के शरद दुबे, संजय शर्मा, शशिभूषण मोहंती, अनिल सिंह, रामवृक्ष यादव ने कहा कि प्रदेश के कर्मचारियों को 9 प्रतिशत मंहगाई भत्ता मिलना चाहिए। लेकिन मुख्यमंत्री ने मात्र 5 प्रतिशत की घोषणा की है।







भीगते हुए भी डटे रहे कर्मचारी, जीई रोड पर लगा रहा घंटों का जाम पूरे जिले भर के अधिकारी-कर्मचारी धरना में शामिल धरना स्थल हिन्दी भवन दुर्ग के पास जुटे। जहां हजारों की संख्या में अधिकारी-कर्मचारी एकत्रित हुए। बारिश में भीगते हुए वे धरने में डटे रहे। वे रैली निकालकर पटेल चौक से न्यायालय गेट तक पहुंचे, उसके बाद वापस पटेल चौक से कलेक्ट्रेट गए। इस दौरान जीई रोड पर लंबा जाम लग गया। कर्मियों ने सातवें वेतनमान में गृह भाड़ा दिए जाने की भी मांग की संयुक्त मोर्चा ने कहा कि राज्य शासन को 7 वें वेतनमान में गृह भाड़ा भत्ता स्वीकृत करने, केंद्र के समान देय तिथि से महंगाई भत्ता स्वीकृत करने की मांग की जाएगी। पिंगुआ कमेटी का रिपोर्ट सार्वजनिक करने, जन घोषणा पत्र के अनुसार अनियमित,संविदा, दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का नियमितीकरण करने की मांग की जाएगी।







