दुर्ग में किसानों का प्रदर्शन:खाद की कालाबाजारी और बिजली कटौती को लेकर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
By Dinesh chourasiya

भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष लोकेंद्र बंजारे ने कहा, छत्तीसगढ़ में 70 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है। इसमें करीब 35 लाख किसान परिवार शामिल हैं। किसानों को समय पर खाद नहीं मिल रही है। जो खाद मिल रही है, उसकी कीमत निर्धारित दर से अधिक है।
अवैध भंडारण और कालाबाजारी से खेती की लागत बढ़ी







उन्होंने कहा, 266 रुपए की यूरिया 500-600 रुपए में बेची जा रही है। 1,350 रुपए की डीएपी 1,700 से 2,000 रुपए प्रति बोरी तक बिक रही है। अवैध भंडारण और कालाबाजारी से खेती की लागत बढ़ रही है। जिले में लगातार बिजली आपूर्ति बाधित होने से फसलों की सिंचाई प्रभावित हो रही है।
किसानों ने शिकायतों के त्वरित निपटारे के लिए टोल-फ्री नंबर की मांग की है। उन्होंने कार्रवाई न होने पर आंदोलन को व्यापक करने की चेतावनी दी है।
एसडीएम हितेश पिस्दा ने सभी मुद्दों पर संबंधित विभागों को निर्देश देने का आश्वासन दिया। खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए विशेष टीम गठित की जाएगी। बिजली कटौती और जलाशय गहरीकरण पर भी कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।








