
भीषण गर्मी और लू:छत्तीसगढ़ में 12-13 जून से होने लगती है मानसूनी बारिश इस बार ठीक इसी समय पारा 45 के करीब
By Dinesh chourasiya
छत्तीसगढ़ में मानसूनी बादलों के दाखिल होने की औसत तिथि 13 जून है, जो पांच साल पहले तक 10 जून थी। यानी इस वक्त तक प्रदेश में कुछ जगह मानसूनी बारिश और अधिकांश जगह प्री-मानसून बारिश होने लगती है। लेकिन इस बार हालात बिलकुल उलट हैं। सोमवार, 12 जून को रायपुर समेत प्रदेश का अधिकांश हिस्सा लू की चपेट में है या इस तरह के हालात हैं। भीषण गर्मी की स्थिति यह है कि जांजगीर में दोपहर का तापमान 46 डिग्री के करीब पहुंच गया है।
रायपुर में सीजन में पहली बार पारा 44 डिग्री रिकार्ड किया गया है। परेशानी वाली बात ये है कि मौसम विशेषज्ञों ने मंगलवार और बुधवार को भी दोपहर में लू चलने और भीषण गर्मी की आशंका जताई है। मानसून लेट होने की वजह से पूरा छत्तीसगढ़ मरुस्थल की ओर से आने वाली गर्म हवा की चपेट में है। अप्रैल और मई की तुलना में जून में भीषण गर्मी पड़ रही और लगातार बढ़ भी रही है।







गर्मी की स्थिति यह है कि राजधानी रायपुर में सुबह 12 बजे तापमान 40 डिग्री से ऊपर चला गया। अधिकतम तापमान 44 डिग्री रिकार्ड किया गया, जो सामान्य से 5 डिग्री अधिक है। राजधानी से लगे मैदानी शहरों दुर्ग और राजनांदगांव में भी लू की स्थिति रही। दोनों जगह दोपहर का तापमान 43 डिग्री से ऊपर पहुंच गया और नार्मल से करीब 6 डिग्री तक ऊपर रहा।
सिर्फ जगदलपुर में तापमान 39.4 डिग्री रहा, लेकिन वहां का सामान्य तापमान 34 डिग्री है, अर्थात इससे 5 डिग्री अधिक था। मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि मंगलवार को प्रदेश में कुछ जगह पर 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म हवा वाले अंधड़ चलेंगे। हालांकि रायपुर समेत कुछ जगह शाम-रात में बौछारें पड़ सकती हैं।
मानसून की गति कुछ बढ़ी: मौसम विज्ञानियों का कहना है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून कर्नाटक के कुछ हिस्से, कोंकड़, तमिलनाडू के कुछ भाग और आंध्रप्रदेश के कुछ हिस्सों में मानसून सक्रिय हो चुका है। इसे आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां मिल रही हैं। पूर्वी उत्तरप्रदेश और उससे लगे बिहार के ऊपर एक चक्रवात है।




एक द्रोणिका भी पूर्वी उत्तरप्रदेश और उससे बिहार से होते हुए गंगेटिक पश्चिम बंगाल तक है। इन सिस्टम के असर से नमी आ रही है। दिन में तेज गर्मी के कारण बने स्थानीय कम दबाव के क्षेत्र को भरने के लिए नमी तेजी से आती है। इसी वजह से प्रदेश में शाम-रात में मौसम बदलने और अंधड़ चलने के साथ हल्की बारिश की स्थिति बन रही है।







