
बुजुर्ग यात्रियों को नहीं मिलेगी ट्रेन किराये में छूट, SC ने खारिज की याचिका, कहा ‘सरकार खुद ले फैसला’
बुजुर्ग यात्रियों के रेल किराये में छूट को बहाल किए जाने की मांग वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। जस्टिस एस के कॉल और जस्टिस एहसानुद्दीन अमानुल्लाह वाली बेंच ने इस याचिका का खरिज कर दिया। बेंच ने कहा कि इस बारे में कोर्ट की तरफ से दिशा निर्देश जारी करना उचित नहीं है। इसपर सरकार को फैसला लेना होगा। सुप्रीम कोर्ट में ये याचिका एक के बालाकृष्णन ने दायर किया था। कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि संविधान के आर्टिकल 32 के तहत कोर्ट के लिए याचिका के मुताबिक सरकार को आदश जारी करना उचित नहीं होगा।
सुप्रीम कोर्ट में ये याचिका एक के बालाकृष्णन ने दायर किया था जिसमें याचिकाकर्ता ने कहा था कि बुजुर्गों को किराये में छूट देना सरकार का कर्तव्य है। कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि संविधान के आर्टिकल 32 के तहत कोर्ट के लिए याचिका के मुताबिक सरकार को आदेश जारी करना उचित नहीं होगा। बेंच ने कहा कि वरिष्ठ नागरितों के जरुरतों को ध्यान में रखते हुए और और इसके वित्तीय असर के चलते इस मुद्दे पर सरकार को फैसला लेना होगा और फिर कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया।







बता दें की केंद्र सरकार ने कोरोनाकाल में सीनियर सिटिजंस को किराये में मिलने वालो छूट की सुविधा को बंद कर दिया था। सर्कार ने इसके पीछे घाटे की दलील दी थी। हालांकि सरकार ने कई दफ़े इसे फिर से बहाल किये जाने पर विचार किया लेकिन ऐसा नहीं हो सका। सर्कार के इसी रूख के बाद याचिका दायर की गई थी और फिर इस छूट को बहाल करने की मांग की गई थी।






