
दुर्ग पुलिस के हत्थे चढ़े अंतर्राज्यीय उठाईगिरी गिरोह के सरगना, धमधा उठईगिरी कांड के बाद पीछे पड़ी थी पुलिस By Mohan Rao Published February 19, 2023 Share उठाईगिरी के सरगना पुलिस के हत्थे चढ़े
दुर्ग पुलिस के हत्थे चढ़े अंतर्राज्यीय उठाईगिरी गिरोह के सरगना, धमधा उठईगिरी कांड के बाद पीछे पड़ी थी पुलिस

दुर्ग। धमधा में हुए एक उठाईगिरी के मामले में दुर्ग पुलिस ने उत्तर प्रदेश के कानपुर व मध्यप्रदेश के शहडोल से दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। दोनों ने करीब 8 माह पहले धमधा क्षेत्र में बैंक ऑफ इंडिया के पास एक शख्स की कार का कांच तोड़कर 3.50 लाख रुपए से भरा बैग निकालकर भाग गए थे। पुलिस लगातार इनका पता लगा रही थी। सीसी टीवी फुटेज से आरोपियों की पहचान के बाद आरोपी अब जाकर पुलिस के हाथ लगे।
बता दें विजेन्द्र सिंह बघेल निवासी हास्पिटल कॉलोनी धमधा ने शिकायत दर्ज करते हुए बताया था कि रिपोर्ट दर्ज कराया कि 7 जून 2022 को करीबन 12:00 बजे अपने स्वीफ्ट डिजायर कार में बैंक ऑफ इंडिया धमधा गया। कार को बैंक के सामने खड़ी कर बैंक के अंदर गया। बैंक में चेक के माध्यम से 3.50 लाख रूपए को निकाल कर काले रंग के अपने गमछा में लपेटकर अपने कार में रख दिया और अपने कार को निकालने लगा। पीछे में एक वेगेनार कार खड़ी होने से उस कार के ड्राईवर को खोजने अपनी कार को लॉक कर कृषि केन्द्र के पास गया। वापस आने पर देखा कि मेरे कार के सामने की कांच टुटा हुआ था और सीट में रखा गया 3.50 लाख रूपए नहीं था। इस मामले में धमधा पुलिस ने धारा 379 के तहत अज्ञात के खिलाफ अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया।







विवेचना के दौरान टीम द्वारा घटना स्थल एवं बैंक के मध्य एवं प्रार्थी के आवागमन के मार्गों का सीसीटीव्ही फुटेज जांचा गया। इसके परिणाम स्वरूप बैंक एवं घटना स्थल के मध्य दो संदेही दिखाई दिये। जिनके फुटेज के आधार पर अपराधिक उठाईगिरी गिरोह के सदस्यों से मिलान करने पर आरोपियों की पहचान अमर उर्फ पप्पू निवासी दीवानपुर पत्थलगांव हॉल निवासी हर्ष नगर कानपुर एवं चन्द्रभान नट निवासी खमरोद बुढ़ार जिला शहडोल मध्यप्रदेश के रूप में की गई।
आरोपियों की पहचान होने के बाद दोनों स्थानों पर अलग अलग टीमें रवाना की गई। कानपुर आरोपी के संभावित ठिकानों पर तलाश की जा रही थी। इस दौरान पता चला आरोपी अमर उर्फ पप्पू स्वयं का ई-रिक्शा चलाता है । जिससे उसकी ई-रिक्शा का नम्बर प्राप्त कर शहर में ई-रिक्शा के विरूद्ध हुई चालान की कापी से उसका पता निकाला गया। पुलिस की टीम लगातार 7 दिनों तक आरोपी को वॉच किया। आरोपी घर से बाहर नहीं निकलता था। इसके बाद पुलिस ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से चालान पेंडिंग होने का बहाने से घर में घुसी और आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से चोरी गयी रकम से 21000 रुपए नगद एवं चोरी गयी रकम से खरीदा गया 01 नग एलईडी टीवी एवं 01 नग होम थेयटर साउण्ड बाक्स एवं चोरी गयी रकम में से 50,000 रूपये जो उसके द्वारा अपने केनरा बैंक कानपुर के खाते में जमा किया गया था उसकी पासबुक बरामद कर जब्त किया गया ।
इसी प्रकार दूसरी टीम द्वारा आरोपी चन्द्रभान नट उर्फ बब्लू को स्थानीय स्टाफ की मदद से ग्राम कोदेली पेट्रोल पंप के सामने थाना बुढ़ार मध्यप्रदेश से घेराबंदी कर पकड़ा गया। जिससे घटना के संबंध में पूछताछ करने पर अपने साथ अमर उर्फ पप्पू नट के साथ मिलकर उठाईगिरी की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त अपाचे मोटर सायकल क्रमांक एमपी 18 एमपी 3914 को जप्त किया गया। उक्त आरोपियों से विस्तृत पूछताछ करने पर विगत 02 वर्षो के दौरान छत्तीसगढ़ के धमधा, भटगांव, बालोद, बेमेतरा, बेरला, धमतरी के अलावा मध्यप्रदेश के बरेली, खण्डवा एवं महाराष्ट्र के बुटीबोरी एवं कोटर में उठाईगिरी की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया है। इस पूरी कार्रवाई में एन्टी क्राईम एवं सायबर यूनिट दुर्ग से सउनि चन्द्रशेखर सोनी, प्रआर सत्येन्द्र मढ़रिया, चन्द्रशेखर बंजीर, आरक्षक राजकुमार चन्द्रा, पकंज चतुर्वेदी, शहबाज खान, चित्रसेन साहू, जगजीत सिंह, रिन्कू सोनी, विक्रांत यदु, जावेद खान थाना धमधा से उप निरीक्षक यशवंत जंघेल, सउनि छून्कू राम नेताम, प्रआर निशाल वाल्दे एवं उत्तर प्रदेश पुलिस उप निरीक्षक कौशलेन्द्र प्रताप सिंह, प्रआरदीशू भारती आरक्षक रासिद बटनौर की उल्लेखनीय भूमिका रही ।








