दुर्ग में लिव-इन रिलेशन में रहने वाली महिला ने आपने आशिक को उतारा मौत के घाट नशे में मारपीट करने और वीडियो वायरल करने की धमकी दी थी
By Dinesh chourasiya

दुर्ग जिले के उतई थाना अंतर्गत चुनकट्टा गांव में हुई एक व्यक्ति की हत्या के मामले को पुलिस ने सुलझा लिया है। हत्या की वारदात को अंजाम खुद उसके साथ लिव-इन में रहने वाली महिला ने दिया। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
उतई थाना अंतर्गत चुनकट्टा गांव में 12 अगस्त 2024 को एक खेत की रखवाली करने वाले चौकीदार की बेरहमी से हत्या की गई थी। चौकीदार अपने ही सरवेंट क्वार्टर के अंदर लहू लुहान हालत में मिला था। इसके बाद पुलिस ने दीवार तोड़कर उसे बाहर निकाला और अस्पताल भेजा था। वहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया था। इस मामले में पुलिस को यह नहीं पता चल रहा था कि आखिर उसकी हत्या किसने की।







पुलिस ने पूछताछ शुरू की तो पता चला कि मृतक मोहन साहू (50 वर्ष) चुनकट्टा गांव में हितेंद्र सिन्हा के चौहान बाड़ी (खेत) की रखवाली करता था। वह वहां पिछले तीन साल से रहता था। पुलिस ने हितेंद्र सिन्हा से बात की तो उसने बताया कि उसने बताया कि वो बरगढ़ उड़ीसा का स्थाई निवासी है। उसके पास रहने से उसने अपने खेत में बने क्वार्टर को उसके रहने के लिए दिया था। वो वहां अकेले ही रहता था, लेकिन एक महीने पहले ही किसी द्रोपती उर्फ रानी नाम की महिला को अपने साथ लाया था और उसे अपनी पत्नी बताकर रखे हुए थे।
घटने के दिन से ही वो महिला गायब है। पुलिस को उस महिला पर शक हुआ, लेकिन हितेंद्र उस महिला के बारे में कोई जानकारी नहीं दे पाया। पुलिस ने द्रोपती का पता लगाना शुरू किया तो पता चला कि वो ग्राम तिल्दा थाना लवन जिला बलौदाबाजार की रहने वाली है। इसके बाद पुलिस ने उसे उसके गांव से गिरफ्तार किया और पूछताछ करने पर उसने हत्या करना स्वीकार किया।
मोहन शराब पीकर आए दिन करता था मारपीट




महिला ने पुलिस को बताया कि मोहन शराब पीने का आदी था। शराब पीने के बाद वो द्रोपदी से आए दिन गाली गलौज करके मारपीट करता था। द्रोपदी उसे छोड़कर जाने की बात कहती तो मोहन उसे उसका गंदा वीडियो दिखाकर धमकी देता था कि अगर वो उसे छोड़कर गई तो वो उसका वीडियो सभी जगह फैला देगा। इससे तंग आकर महिला ने शब्बल से उसकी हत्या की इसके बाद उसका मोबाइल और बैग लकरे उसे घर के अंदर बंदकर बाहर से ताला लगाकर भाग गई।
मोबाइल बंद होने मालिक को हुई चिंता
चौहान बाड़ी के मालिक हितेन्द्र सिन्हा ने बताया कि घटना के दिन सुबह उसने मोहन को फोन किया तो उसे मोबाइल बंद आया। मोहन का मोबाइल कभी बंद नहीं रहता, इससे हितेंद्र को चिंता हुई और वो सुबह 8 बजे चौहान बाड़ी पहुंच गया। वो खेत में सरवेंट क्वार्टर की तरफ गया तो देखा कि मोहन जिस कमरे में रहता था, उसमें बाहर से ताला लगा है और कमरे के अंदर से किसी के कराहने की आवाज आ रही है। तब हितेन्द्र ने कमरे का ताला तोड़ा और देखा तो चौंक गया। अंदर मोहन गंभीर रूप से घायल पड़ा था। उसके साथ रहने वाली महिला द्रोपती का कही अता पता नही था। इसके बाद उसने मोहन को जिला अस्पताल भेजा, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
द्रोपदी को रायपुर स्टेशन से लेकर आया था मोहन
द्रोपदी ने पुलिस को बताया कि 14 जुलाई को वो अपने पति केशर डहरिया को बोलकर निकली थी कि वो अपने माता पिता के पास जा रही है। इसके बाद वो वहां से रायपुर स्टेशन चली गई और वहां अकेली ट्रेन के इंतजार में बैठी थी। तभी वहां मोहन साहू आया और उसने द्रोपदी से पूछा कि कहां जा रही हो अकेली कैसे बैठी हो। द्रोपदी ने मोहन को अपनी पूरी कहानी बताई तो मोहन ने उसे अपने साथ चलने के लिए कहा। इसके बाद द्रोपदी मोहन के साथ रहने के लिए चुनकट्टी आ गई।




