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दुर्ग के निकुम गांव में शिव महापुराण का चौथा दिन:श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़, मंच से बोले पंडित प्रदीप मिश्रा- आस्था को व्यापार मत बनाओ

By Dinesh chourasiya

दुर्ग जिले के निकुम गांव में चल रही प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के पांच दिवसीय शिव महापुराण कथा का आज चौथा दिन है। 19 जून से शुरू हुए इस आयोजन में अब तक करीब 3 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। भक्ति का माहौल तो बना है।

18 जून को 3100 महिलाओं की कलश यात्रा के साथ शिव महापुराण कथा की भव्य शुरुआत हुई थी। यह कथा प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से 4 बजे तक आयोजित की जा रही है। श्रद्धालु केवल दुर्ग जिले से ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों और अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।

बारिश की संभावना को देखते हुए आयोजन स्थल पर तीन बड़े डोम शेड वाटरप्रूफ बनाए गए हैं। कथा स्थल पर जगह पाने के लिए लोग सुबह 5 बजे से ही पहुंचने लगते हैं। सुबह 10 बजे के बाद डोम पूरी तरह भर जाते हैं और वहां खड़े होने की भी जगह नहीं बचती। इसके बाद श्रद्धालु आसपास के स्थानों पर बैठकर कथा सुनते हैं।

भीषण गर्मी और धूप के बावजूद भक्तों का उत्साह कम नहीं हो रहा। हर दिन कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है।

पंडित प्रदीप मिश्रा की नसीहत

पंडित प्रदीप मिश्रा ने शिव महापुराण कथा के दौरान मंच से समाज को एक स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आजकल कुछ लोग “एक लोटा जल” की महिमा को लेकर भ्रम फैला रहे हैं। मिश्रा ने दो टूक कहा कि अगर किसी को उनकी बातें बुरी लगती हैं, तो लगने दीजिए।

उन्होंने कहा, भगवान को भगवान ही रहने दीजिए, इंसानों को भगवान बनाने की जरूरत नहीं है। समस्या यही है कि अब लोग किसी चमत्कारी इंसान के पास नहीं जा रहे, बल्कि सीधा मंदिर जा रहे हैं। जब किसी को परेशानी होती है, तो वो एक लोटा जल लेकर शिव मंदिर पहुंचता है, बेलपत्र चढ़ाता है और भोलेनाथ उसकी सुन लेते हैं। यही बात अब कुछ लोगों को खटक रही है, क्योंकि उनके बेवजह के धंधे बंद हो गए हैं।

पंडित मिश्रा ने कहा कि केवल एक लोटा जल ही आज समाज का कल्याण कर रहा है – और यही शिव की सच्ची भक्ति है।

कथा स्थल पहुंचने के लिए ट्रैफिक रूट जारी

शिव महापुराण कथा के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए दुर्ग पुलिस प्रशासन और ट्रैफिक विभाग को विशेष जिम्मेदारी दी गई है। आवागमन सुचारु बनाए रखने के लिए प्रशासन ने ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें वाहन पार्किंग और आवाजाही के रास्ते तय किए गए हैं।

श्रद्धालुओं से आग्रह किया गया है कि वे कथा स्थल तक पहुंचने के लिए मालवाहक वाहनों का इस्तेमाल न करें।

ये रहेगा ट्रैफिक प्लान

दुर्ग, कवर्धा, बेमेतरा, रायपुर, पाटन, उतई, राजनांदगांव, खैरागढ़, बालोद, धमतरी और अर्जुंदा से आने वाले श्रद्धालुओं को गोड़ेला तिराहा स्थित खुरसुल पार्किंग स्थल में अपने वाहन पार्क करने होंगे। इसके बाद उन्हें पैदल ही कथा स्थल तक जाना होगा।

वीवीआईपी आगंतुकों के लिए अलग पार्किंग और मार्ग की व्यवस्था की गई है, जिसके लिए अलग एडवाइजरी जारी की गई है।

प्रशासन की सख्ती से ग्रामीण परेशान, सरपंच ने कलेक्टर से की शिकायत

दुर्ग जिले के निकुम गांव में आयोजित शिव महापुराण कथा को लेकर ग्रामीणों ने जिला प्रशासन की सख्ती और अव्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जताई है। ग्राम सरपंच भागवत राम पटेल ग्रामीणों की ओर से कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से मिलने पहुंचे और 18 बिंदुओं पर शिकायत सौंपी।

उन्होंने बताया कि कथा आयोजन के लिए महाकाल समिति ने ग्राम पंचायत निकुम से कोई औपचारिक अनुमति (NOC) नहीं ली है। आयोजन स्थल पर स्थित सेवा सहकारी समिति में किसान खाद, बीज और केसीसी लेने नहीं जा पा रहे हैं। खेतों में जुताई-बुवाई के लिए भी रास्ता बंद कर दिया गया है।

ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल-कॉलेज जाने वाले बच्चों, अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र तक जाने वाले लोगों को भी रोका जा रहा है। आत्मानंद स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूल को भी बंद कर दिया गया है।

इसके अलावा, पर्याप्त टॉयलेट और साफ-सफाई की व्यवस्था नहीं होने के कारण गांव में गंदगी फैल रही है। कई जगहों पर भंडारे का आयोजन हो रहा है, लेकिन खुले में भोजन फेंकने से मवेशी बीमार पड़ रहे हैं और कुछ की मौत भी हो गई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन जल्द हालात सुधारे और उन्हें राहत दी जाए।

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