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छत्तीसगढ़ में फेरीवाले कपड़ों की आड़ में बेच रहे गांजा:बाइक पर मिला सीक्रेट बॉक्स, महासमुंद-धमतरी में 2 करोड़ का गांजा जब्त, 13 तस्कर गिरफ्तार

By Dinesh chourasiya

छत्तीसगढ़ में अब फेरीवाले कपड़े बेचने की आड़ में गांजा बेच रहे हैं। महासमुंद और धमतरी जिले में पुलिस ने ऐसे ही अंतरराज्यीय तस्करों को पकड़ा है, जो बाइक पर कपड़े लादकर गली-गली कपड़े के बीच गांजा छिपाकर बेच रहे थे।

आरोपियों की बाइक पर लोहे का सीक्रेट बॉक्स मिला है, जिसमें गांजा था। पुलिस ने महासमुंद और धमतरी में 4 अलग-अलग कार्रवाई में 378 किलो गांजा जब्त किया है, जिसकी कीमत करीब 1.90 करोड़ रुपए है।

महासमुंद से 10 तस्कर और धमतरी में एक नाबालिग समेत 3 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि, गांजा ओडिशा से लाकर दूसरे राज्यों में सप्लाई किया जा रहा था।

गांजा ओडिशा से लाकर दूसरे राज्यों में सप्लाई किया जा रहा था।
पुलिस ने शक के आधार पर जांच की, तब गांजा मिला।

महासमुंद- ‘कपड़े ले लो कपड़े’ की लगाते आवाज

महासमुंद जिले के बसना पुलिस को सूचना मिली थी कि, ओडिशा की तरफ से कुछ लोग गांजा लेकर महासमुंद की ओर आ रहे हैं। खबर मिलते ही पुलिस अलर्ट हो गई और रास्ते में घेराबंदी कर दी गई।

कुछ देर बाद 5 बाइक एक लाइन से आती दिखाई दीं। बाइक सवार लोगों के पास कपड़ों के गट्ठे थे और वे खुद को घूम-घूमकर कपड़े बेचने वाले फेरीवाले बता रहे थे और कपड़े ले लो की आवाज लगा रहे थे।

पुलिस ने जब पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि वे फेरी लगाकर कपड़ा बेचने का काम करते हैं। लेकिन पुलिस को उनकी बातों और एक्टिविटी पर शक हुआ। इसके बाद पुलिस ने उनकी बाइक की तलाशी ली।

जांच के दौरान पुलिस ने देखा कि, बाइक की पिछली सीट पर खास तरीके से लोहे का जाला और सीक्रेट चैंबर बनाया गया था। ऊपर कपड़े रखे गए थे, ताकि किसी को शक न हो। जैसे ही पुलिस ने कपड़े हटाकर अंदर देखा, बड़ी मात्रा में छुपा हुआ गांजा मिला।

बसना थाना की पुलिस ने 23 किलो गांजा के साथ 3 लोगों को गिरफ्तार किया।

ओडिशा से मध्यप्रदेश ले जा रहे थे गांजा

इस कार्रवाई में पुलिस ने करीब 215 किलो गांजा जब्त किया और 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गांजा ओडिशा के बालिगुड़ा से लाया जा रहा था और इसे मध्यप्रदेश ले जाया जाना था।

इसी तरह एक अन्य मामले में पुलिस ने 23 किलो गांजा के साथ 3 लोगों को गिरफ्तार किया। यहां जब्त गांजे की कीमत करीब 11 लाख 50 हजार रुपए बताई जा रही है।

वहीं कोमाखान पुलिस ने टेमरी चेक नाका पर घेराबंदी कर एक बाइक को रोका। बाइक सवार दो लोगों से करीब 9 किलो 60 ग्राम गांजा बरामद किया गया।

महासमुंद पुलिस ने कुल मिलाकर, तस्करी में इस्तेमाल 7 बाइक, 6 मोबाइल और गांजा छिपाने के लिए इस्तेमाल किए गए 5 लोहे के विशेष जाले भी बरामद किए।

कोमाखान पुलिस ने बाइक सवारों से करीब 9 किलो 60 ग्राम गांजा बरामद किया।

महासमुंद से ये आरोपी हुए गिरफ्तार

  1. मेताप टाटिया (20) निवासी खंडवा, मध्यप्रदेश
  2. रमेश चौहान (30) निवासी बैतूल, मध्यप्रदेश
  3. राजू कुमावत टाकिया (25) निवासी बैतूल, मध्यप्रदेश
  4. दीपक राजपूत (27), ललितपुर, उप्र.-मप्र. बॉर्डर
  5. प्रकाश बंजारा (23), रायसेन, मध्यप्रदेश
  6. मोहम्मद रिहान (37) अनुपपुर, मध्यप्रदेश
  7. मनोज सिंह (36) अनुपपुर, मध्यप्रदेश
  8. चंद्रशेखर (22) नागपुर, महाराष्ट्र
  9. जितेंद्र (24) नागपुर, महाराष्ट्र
  10. विकास (19) नागपुर, महाराष्ट्र

धमतरी में भी 3 गांजा तस्कर गिरफ्तार

वहीं, धमतरी जिले में भी पुलिस ने कपड़े की आड़ में गांजा बेचने वाले 3 लोगों को पकड़ा है। इनमें एक नाबालिग भी शामिल है। इनके कब्जे से 1 क्विंटल से अधिक गांजा मिला। ये कार्रवाई जिला मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर केरेगांव थाना क्षेत्र में की गई।

पुलिस के अनुसार, आरोपी 3 बाइक पर कतार में ओडिशा से गांजा ला रहे थे। वे फेरीवाले कपड़े बेचने वालों का दिखावा कर रहे थे। तस्करों ने अपनी बाइक की पिछली सीट पर लोहे के एंगल बनवाए हुए थे। इससे लोगों को ऐसा लगे कि वे केवल सड़क पर फेरी लगाकर कपड़े बेचने वाले हैं।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि यह गांजा ओडिशा से लाया जा रहा था। कुल 131.005 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया है।

धमतरी में पकड़े गए आरोपियों में ये शामिल

  1. राजेश ओबनी (20), निवासी बैतूल (मध्यप्रदेश)
  2. दौलत सिंह (19), निवासी रायसेन (मध्यप्रदेश)
  3. नाबालिग
धमतरी में केरेगांव इलाके में चेकिंग के दौरान नाबालिग सहित 3 तस्कर पकड़ाए।

4 थानों पर उठे सवाल

यह कार्रवाई धमतरी जिले के केरेगांव थाना क्षेत्र में हुई, जो जिला मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर दूर है। इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि इन तस्करों ने केरेगांव पहुंचने से पहले बुराई, सिहावा, नगरी और दुगली सहित चार थानों की सीमाएं पार की थीं।

ऐसे में इन थानों की चेकिंग व्यवस्था और सूचना तंत्र पर सवाल खड़े हो रहे हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में गांजा बिना पकड़े कैसे केरेगांव तक पहुंच गया।

पुलिस का कहना है कि यह एक संगठित गिरोह है, जो नए-नए तरीके अपनाकर अलग-अलग राज्यों में गांजा तस्करी कर रहा है। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

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