भिलाई में 2 स्टूडेंट्स ने लगाई फांसी छात्रा ने लिखा- सॉरी मम्मी-पापा, अब कभी परेशान नहीं करूंगी
By Dinesh chourasiya

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई में शनिवार को 2 स्टूडेंट्स ने फांसी लगाकर सुसाइड किया है। इसमें एक 11वीं की छात्रा वीणा ठाकुर है, जो अपने घर में फंदे पर झूलती मिली। उसने सुसाइड नोट में सॉरी मम्मी-पापा लिखा है और कहा कि, अब कभी परेशान नहीं करूंगी। मामला पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र का है।







वहीं, रूंगटा कॉलेज में बीसीए की पढ़ाई कर रहे 19 साल के छात्र ने भी सुसाइड कर लिया। मामला स्मृति नगर चौकी क्षेत्र का है। दोनों ही मामले में आत्महत्या की वजह अब तक साफ नहीं हो पाई है। पुलिस ने मर्ग कायम कर शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए सुपेला अस्पताल भेज दिया है। फिलहाल जांच जारी है। बच्चों के सुसाइड मामले में जिले में 15 दिन में यह तीसरी घटना है।




भिलाई के अकलोरडीह इलाके में रहने वाली वीणा ठाकुर (17) 11वीं की छात्रा थी। शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला जरवाय में पढ़ती थी। शनिवार (4 अप्रैल) सुबह करीब 3 बजे पढ़ाई करने के लिए ऊपर कमरे में गई थी।
सुबह करीब 6 बजे परिजनों ने दरवाजा खटखटाया, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। इसके बाद परिजनों और मोहल्ले के लोगों ने दरवाजा तोड़ा तो वीणा दुपट्टे से पंखे के सहारे फंदे पर लटकी मिली।
सुसाइड नोट में लिखा- मुझे माफ कर देना, अब नहीं करूंगी परेशान
पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें वीणा ने अपनी मां, पिता, मामा-मामी और परिवार के बाकी लोगों से माफी मांगी है। उसने लिखा है कि सॉरी मम्मी-पापा, मामा-मामी, अब कभी परेशान नहीं करूंगी। पुलिस सुसाइड नोट और परिवार के बयान के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
बचपन से मामा घर में रह रही थी
मृतका के मामा विष्णु सिंह ने बताया कि, वीणा उनकी भांजी थी और बचपन से उनके साथ ही रह रही थी। उसकी मां की साल 2011 में मौत हो गई थी, जिसके बाद वह उसे अपने साथ लाकर पढ़ा-लिखा रहे थे।
शुक्रवार (3 अप्रैल) को वह अपने पिता और रिश्तेदारों से मिलने गई थी और रात में वापस घर लौटी थी। सुबह पढ़ाई के लिए ऊपर गई और कुछ देर बाद उसकी आत्महत्या की खबर मिली।
कोहका के आर्यनगर वार्ड नंबर-12 निवासी उमेश कुमार साहू ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उमेश के पिता ऑटो ड्राइवर है। वह रूंगटा कॉलेज में कंप्यूटर साइंस सेकेंड ईयर का छात्र था। बीसीए की पढ़ाई कर रहा था। घटना शनिवार (4 अप्रैल) तड़के की बताई जा रही है।
परिजनों के अनुसार, सुबह काफी देर तक उमेश ने कमरे का दरवाजा नहीं खोला तो घर वालों को शक हुआ। दरवाजा धक्का देकर खोला गया तो उमेश पंखे से फंदे पर लटका मिला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।
पिता को फोन पर मिली बेटे की मौत की जानकारी
उमेश के पिता ने बताया कि, वह सुबह काम पर निकल गए थे। परिवार से फोन आया कि, उमेश ने फांसी लगा ली है। परिजनों का कहना है कि, उमेश पढ़ाई में ठीक था और उस पर किसी तरह का दबाव भी नहीं था। वह सामान्य तरीके से रह रहा था, इसलिए आत्महत्या की वजह समझ में नहीं आ रही है।
जांच में जुटी पुलिस
इधर, पुलिस का कहना है कि, दोनों मामलों में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है। परिवार के लोगों और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही आत्महत्या की असली वजह सामने आ पाएगी।




