
ईरान बोला- भारत हमारा दोस्त, होर्मुज में सुरक्षित रास्ता देंगे:दोनों देश एक-दूसरे की मदद करें
By Dinesh chourasiya







भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली ने कहा है कि ईरान भारत को सुरक्षित रास्ता देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि भारत और ईरान के बीच दोस्ताना संबंध हैं।
नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान उनसे सवाल पूछा गया कि क्या ईरान भारत को होर्मुज स्ट्रेट में रास्ता देगा। इस पर फतहाली ने कहा, “हां, क्योंकि भारत हमारा दोस्त है। आप दो-तीन घंटे में ऐसा होते देखेंगे।” उनके मुताबिक भारत और ईरान के बीच लंबे समय से सहयोग और विश्वास का रिश्ता रहा है।




उन्होंने कहा है कि भारत और ईरान को एक-दूसरे की मदद करनी चाहिए। फतहाली ने कहा कि भारत सरकार ने कई मौकों पर ईरान की मदद की है और ईरान को भी भारत के साथ सहयोग करना चाहिए।
इसी बीच ओमान के सोहर प्रांत में ड्रोन गिरने से दो भारतीय कामगारों की मौत हो गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक सुरक्षा बलों ने एक ड्रोन को मार गिराया था, जिसके बाद उसका मलबा गिरने से यह हादसा हुआ।
दावा- ईरान के नए सुप्रीम लीडर का पैर काटना पड़ा
कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई गंभीर रूप से घायल हैं और कोमा में हैं।
ब्रिटिश मीडिया द सन की रिपोर्ट के मुताबिक 28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल के हमले में घायल होने के बाद उन्हें तेहरान के सिना यूनिवर्सिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि उनकी हालत बेहद गंभीर है।
रिपोर्ट के मुताबिक हमले में चोट इतनी गहरी थी कि उनका एक पैर काटना पड़ा और लिवर को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है। अस्पताल के एक हिस्से को पूरी तरह सील कर दिया गया है और वहां भारी सुरक्षा तैनात है।
मुजतबा खामेनेई को उनके पिता और ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद 9 मार्च को देश का नया सुप्रीम लीडर बनाया गया था। अली खामेनेई की 28 फरवरी को मौत हुई थी।
- ऊर्जा सुरक्षा और शिपिंग: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। ईरान ने इस रास्ते से भारतीय टैंकरों को सुरक्षित गुजरने की अनुमति देकर भारत की ऊर्जा सुरक्षा में बड़ी मदद की है।
- व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षा: भारत ने क्षेत्र में बढ़ते संघर्ष के बीच अपने जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ईरान के साथ कूटनीतिक बातचीत की थी, क्योंकि पहले एक थाई जहाज पर हमला हुआ था।
- रणनीतिक महत्व: ईरान के साथ यह सहयोग भारत के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भारत को मध्य एशिया तक पहुँच प्रदान करता है और चाबहार बंदरगाह के माध्यम से पाकिस्तान को बायपास करने में मदद करता है।
- द्विपक्षीय संबंध: इस सहयोग को दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे, लेकिन भू-राजनीतिक चुनौतियों (जैसे अमेरिका के साथ भारत के रिश्ते) के बावजूद मजबूत हो रहे संबंधों के रूप में देखा जा रहा है।




