दुर्ग बाल सुधार गृह से भागे 7 नाबालिग , 4 पकड़ाए:3 की तलाश जारी, हत्या-लूट जैसे मामले दर्ज; एक महीने में दूसरी घटना
By Dinesh chourasiya
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के पुलगांव स्थित बाल सुधार गृह से 7 नाबालिग बच्चे भाग गए हैं। घटना 28 नवंबर की रात की है। सूचना मिलते ही पुलिस ने 4 बच्चों को बरामद कर लिया, लेकिन 3 बच्चे अभी तक नहीं मिले हैं। जानकारी के मुताबिक बच्चे दुर्ग जिले से बाहर चले गए हैं। मामला पुलगांव थाना क्षेत्र का है।
यह कोई पहला मौका नहीं है जब बाल संप्रेक्षण गृह से अपचारी बालक भागे हो। इससे पहले भी कई बार यहां से बच्चे भाग चुके हैं। 1 महीने में यह दूसरी घटना है। इस घटना के बाद एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में है। बाल सुधार गृह महिला बाल विकास विभाग संचालित करता है। लगातार हो रही घटनाओं के बाद भी अफसरों की लापरवाही सामने आई है।








एक महीने में दूसरी बार भागे बच्चे
पुलगांव स्थित बाल संप्रेक्षण गृह से 3 नवंबर को भी 3 अपचारी बालक निकल गए थे। उनमें हत्या, लूट जैसे गंभीर अपराध वाले नाबालिग भी शामिल हैं। वहीं 26 दिन के बाद दोबारा 28 नवंबर को 7 अपचारी बालक संप्रेक्षण गृह से भाग गए। हर बार की तरह इस बार भी महिला एवं बाल विकास के अधिकारी और संप्रेक्षण गृह के जिम्मेदार इस पर मौन है।
दीवार फांद कर तो पीछे के एरिया से निकलते हैं




पुलिस के मुताबिक, बार-बार अपचारी बच्चों के भाग जाने से वे भी परेशान हैं। बच्चे दीवार फांदकर पीछे के एरिया से निकल जा रहे हैं। सुरक्षा के तमाम दावे करने के बाद भी बच्चों को संभालने में विभाग नाकाम हो रहा है। वहीं इससे पुलिस विभाग को नाबालिग को बार-बार खोजने में परेशान होना पड़ता है। 3 बच्चों को पुलिस ने दोबारा भेजा सुधार गृह
जानकारी के अनुसार 28 नवंबर की रात एक साथ 7 बच्चे बाल संप्रेक्षण गृह से निकल गए थे। पुलिस को जैसे ही 7 बच्चों के भागने की सूचना मिली तो अपचारी बच्चों की खोजबीन शुरू की गई। इसमें 29 नवंबर को 4 बच्चों को बरामद किया गया। दोबारा उन्हें बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया है। बाकी 3 बालकों की तलाश की जा रही है।
जिला छोड़कर भागने की सूचना
पुलगांव स्थित बाल संप्रेक्षण गृह से अपचारी बालक भागने की सूचना के बाद पुलिस ने खोजबीन शुरू की। 4 बालक तो आस-पास मिल गए। लेकिन 3 अपचारी बालकों के दुर्ग जिला छोड़कर जाने की सूचना मिली है। फिलहाल, इस मामले में पुलगांव पुलिस के प्रभारी को भी जानकारी नहीं है। विभाग के अफसर भी इस मामले में कोई जानकारी नहीं दे रहे हैं।




