दुर्ग में रजिस्ट्री शुल्क बढ़ोतरी के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन:तीनों जिला अध्यक्ष सड़क पर उतरे, सरकार का फूंका पुतला, कहा- फैसले को तत्काल वापस लेना होगा
By Dinesh chourasiya

दुर्ग जिले में शनिवार को रजिस्ट्री शुल्क और जमीन की गाइडलाइन दरों में की गई बढ़ोतरी के विरोध में कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्षों की नई घोषणा के बाद पहली बार दुर्ग शहर, भिलाई शहर और दुर्ग ग्रामीण ने पहली बार एक ही मंच से सरकार के निर्णय को तानाशाही बताते हुए मोर्चा खोला।
पटेल चौक पर हुए इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं के साथ-साथ जमीन कारोबारियों और आम लोगों की बड़ी संख्या भी शामिल हुई।








प्रदर्शन के दौरान भिलाई शहर अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर, दुर्ग शहर अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल और दुर्ग ग्रामीण अध्यक्ष राकेश ठाकुर एक साथ मौजूद रहे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार और वित्त मंत्री ओपी चौधरी का पुतला भी फूंका। पुलिस की ओर से आग बुझाने की कोशिश की गई, लेकिन प्रदर्शनकारियों की बड़ी संख्या के चलते वह नाकाम रहे। कार्यकर्ता पुतले के ऊपर चढ़कर भी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।
आम जनता में आक्रोश कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में जमीनों की रजिस्ट्री और गाइडलाइन दरों में अभूतपूर्व 500 से 1000 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है, जिससे प्रदेश भर में आम जनता, किसान और जमीन कारोबारियों में गहरा आक्रोश है। उनका कहना है कि भाजपा प्रदेश सरकार ने यह निर्णय आम लोगों के हितों को नजरअंदाज करते हुए लिया है, जिसका फायदा केवल बड़े उद्योगपतियों को होगा।
बीजेपी सरकार जनविरोधी है : ठाकुर दुर्ग ग्रामीण अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार की नीतियां जनविरोधी हैं। उन्होंने कहा, गाइडलाइन दर और पंजीयन शुल्क की यह वृद्धि किसी के भी हित में नहीं है। रजिस्ट्री कार्यालयों में सन्नाटा पसरा है।




पिछले कार्यकाल में भूपेश बघेल सरकार ने पंजीयन शुल्क में 30% की छूट दी थी, जिससे कोरोना काल के बाद जमीन कारोबार को बड़ी राहत मिली थी। किसान अपनी जमीन आसानी से बेच पा रहे थे और मध्यम वर्ग परिवार भी जमीन खरीदने की स्थिति में था।
उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने की मंशा : चंद्राकर भिलाई जिला अध्यक्ष ने कहा कि 10, 20 या 25 प्रतिशत बढ़ोतरी समझ में आती है, लेकिन 500 से 1000 प्रतिशत की वृद्धि पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह फैसला चहेते उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के मकसद से लिया गया है। यदि अदानी जैसी कंपनियां जमीन खरीदती हैं तो उन्हें बढ़ी हुई गाइडलाइन दर के आधार पर ज्यादा लोन मिल सकेगा। यह फैसला आम जनता नहीं, बल्कि पूंजीपतियों के हित में है।
प्रदेशभर में होगा बड़ा आंदोलन : बाकलीवाल दुर्ग शहर अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल ने कहा कि यदि सरकार ने इस निर्णय को वापस नहीं लिया तो प्रदेशभर में बड़े आंदोलन की तैयारी की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता के हितों के लिए कांग्रेस सड़क से लेकर विधानसभा तक संघर्ष करेगी। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की और जल्द से जल्द रजिस्ट्री शुल्क को पूर्ववत करने की मांग की।




