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छत्तीसगढ़ में 5 हजार शिक्षक भर्ती का दुर्ग में विरोध:शिक्षक संघ ने कहा- 57 हजार पदों की गारंटी थी, बेरोजगारों के साथ धोखा हुआ

By Dinesh chourasiya

छत्तीसगढ़ में 5,000 शिक्षकों की भर्ती की घोषणा के बाद राज्य सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। शिक्षक भर्ती साझा मंच की प्रांतीय समिति ने दुर्ग स्थित शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के निवास का घेराव किया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने भी इसे बेरोजगार युवाओं के साथ धोखा बताया है।

शिक्षा मंत्री बिहार विधानसभा चुनाव के कारण अपने निवास पर मौजूद नहीं थे। प्रदर्शनकारी बेरोजगार युवाओं ने केंद्र और राज्य सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि भाजपा ने विधानसभा चुनाव के दौरान “मोदी की गारंटी” के तहत दो साल में 57,000 शिक्षकों की भर्ती का वादा किया था। अब केवल 5,000 पदों पर भर्ती की घोषणा को युवाओं के साथ छल बताया जा रहा है।

युक्तियुक्तकरण नीति की आलोचना

शिक्षक भर्ती साझा मंच के आंदोलनकारियों ने अपने मांग पत्र में बताया है कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है। हजारों स्कूल बिना शिक्षकों के चल रहे हैं, जिससे लाखों विद्यार्थी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित हैं।

मंच ने राज्य सरकार के युक्तियुक्तकरण नीति की आलोचना की। उनका आरोप है कि इस नीति के तहत 10,463 सरकारी स्कूलों को बंद करने और 44,000 से अधिक शिक्षकीय पदों को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है, जो शिक्षा के भविष्य को अंधकार में धकेल रहा है।

भर्ती के अलावा 2 अन्य मांगे भी

यह मांग पत्र राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, राज्यपाल और छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री को संबोधित किया गया है। मंच ने तत्काल सभी विषयों को शामिल करते हुए 57,000 शिक्षकों की भर्ती की मांग की है। इसके साथ ही इस भर्ती को मौजूदा वित्तीय वर्ष में पूरा करने और नए व्यापम कैलेंडर में परीक्षा तिथि के साथ शामिल करने की भी मांग की गई है।

आंदोलनकारियों ने युक्तियुक्तकरण और स्कूल मर्ज नीति को वापस लेने की भी मांग की। उन्होंने प्रत्येक स्कूल में कला और व्यायाम शिक्षकों को अनिवार्य करने तथा 14 सालों से लंबित कला संकाय व्याख्याताओं (हिंदी, संस्कृत, राजनीति, इतिहास, भूगोल और अर्थशास्त्र विषयों में) की भर्ती शीघ्र शुरू करने की भी मांग की है।

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