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दुर्ग से फिर पकड़ाई दो बांग्लादेशी महिलाएं:नाम बदलकर पिछले 8 सालों से रह रहे थे शहर में

By Dinesh chourasiya

मामले का खुलासा करते एएसपी सुखनंदन राठौर - Dainik Bhaskar

अवैध निवासरत बांग्लादेशियों की धरपकड़ के मामले में दुर्ग पुलिस ने तीसरी बड़ी कार्रवाई की है। भिलाई से तीन बांग्लादेशियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दुर्ग के मोहन नगर थाना क्षेत्र से दो बांग्लादेशी महिलाओं को गिरफ्तार किया है।

अवैध अप्रवासीय नागरिकों की धर पकड़ के लिए बनाई गई एसटीएफ के हेड सीएसपी सत्य प्रकाश तिवारी ने बताया कि एक दिन पहले दुर्ग के मोहन नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत जयंति नगर से सेक्स रैकेट का पर्दाफास हुआ। उस मामले की जांच के दौरान आरोपी महिला के मोबाइल से इन महिलाओं के नंबर भी मिले।

इसमें जो महिला हैं उसमें एक ने अपना नाम रानी पासवान और दूसरी ने अपना नाम सपना शर्मा बताया। जब उनके दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई तो पता चला कि रानी पासवान का नाम खुशबू बेगम और सपना शर्मा का नाम सनाया नूह है और का खुशबू बेगम है। वो दोनों बांग्लादेश की रहने वाली हैं और अवैध तरीके से बार्डर पार कर भारत में घुसी हैं।

बांग्लादेशी महिला पुलिस की गिरफ्त में

पिछले 8 सालों से रह रही हैं छत्तीसगढ़ में

एसटीएफ ने जब दोनो महिलाओं के कब्जे से मिले मोबाईल डाटा का की जांच की तो पता चला कि सपना शर्मा उर्फ सपना मंडल का वास्तविक नाम सनाया नूर है। वो मूलतः जोरहाट जिला दीनाजपुर बाग्लादेश की रहने वाली है। 15 साल पहले वो भारत बाग्लादेश सीमा को अवैध रूप से पार कर बिना वैध दस्तावेज के भारत आई। इसके बाद पिछले 8 सालों से चंगोराभाठा रायपुर में रह रही है।

बांग्लादेशी महिला पुलिस की गिरफ्त में

सनाया ने बाग्लादेशी नागरिक के मूल पहचान को छिपाते हुए स्वयं को भारतीय नागारिक सिद्ध करने के लिए वर्ष 2019 में कूटरचना कर फर्जी दस्तावेज तैयार कर अभय शर्मा नाम के व्यक्ति को अपना पति बताकर फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और मतदाता परिचय पत्र तैयार किया। जांच पर पाया गया कि वो इंटरनेट कॉल के जरिए बाग्लदेश के कई नंबरों से सम्पर्क थी।

फर्जी दस्तावेज बनाने की झूठी शादी

रानी पासवान उर्फ खुशबू से पूछताछ पर उसने अपना नाम खुशबू बेगम पिता जेर मोहम्मद निवासी जोबरहाट जिला दिनाजपुर बाग्लादेश बताया। वो भी 15 साल पहले अवैध रूप से बिना वैध दस्तावेज के बाग्लादेश से भारत में प्रवेश की । इसके बाद से अवैध रूप से उत्तरीदीनाजपुर पश्चिम बंगाल, आसनसोल जिला वर्धमान, पश्चिम बंगाल में अलग-अलग जन्म तिथि एवं स्वयं को मूल निवासी होना बताते हुए फर्जी आधार कार्ड तैयार किया।

इसके बाद अपनी बाग्लादेशी नागरिक की मूल पहचान को छिपाते हुए एवं स्वयं को भारतीय नागरिक बताते हुए फर्जी शादी कर राशन कार्ड व अन्य दस्तावेज भी प्राप्त कर लिए थे।

मकान मालिक पर भी होगी कार्रवाई

पुलिस ने उन मकानमालिकों को भी नोटिस जारी किया है, जिनके मकान में ये महिलाएं फर्जी तरीके से रह रही थीं। यदि जांच में उनकी संलिप्तता पाई गई तो उनके खिलाफ भी मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

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