
CG शराब घोटाला केस एपी त्रिपाठी समेत 3 को जमानत: सुप्रीम कोर्ट ने रखी शर्त, जमा करना होगा पासपोर्ट, ढेबर और टुटेजा अभी जेल में ही रहेंगे
By Dinesh chourasiya
छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में जेल में बंद आरोपियों की जमानत याचिका पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने इस मामले में अरुणपति त्रिपाठी, दीपक दुआरी और अनुराग द्विवेदी को जमानत दे दी है। हालांकि, रिटायर्ड IAS अनिल टुटेजा और अनवर ढेबर की जमानत याचिका को खारिज कर दिया गया, जिससे उन्हें जेल में ही रहना होगा।
इस मामले में आरोपियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने पैरवी की। अनुराग द्विवेदी और दीपक दुआरी के लिए सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थ अग्रवाल और शशांक मिश्रा, जबकि अरुणपति त्रिपाठी के लिए सीनियर एडवोकेट मीनाक्षी माथुर ने दलीलें पेश कीं।








सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा
सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस एएस ओक की बेंच ने फैसला सुनाते हुए कहा कि मामले में दर्ज किए गए निष्कर्षों पर विचार करने के बाद अपीलकर्ताओं को जमानत दी जानी चाहिए। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इससे जांच किसी भी तरह प्रभावित नहीं होगी।
कोर्ट के आदेश के अनुसार, आरोपियों को 10 अप्रैल 2025 को जमानत पर रिहा किया जाएगा, लेकिन उन्हें कुछ सख्त शर्तों का पालन करना होगा। आरोपियों को अपना पासपोर्ट जमा करना होगा और वे देश से बाहर नहीं जा सकेंगे।




साथ ही, उन्हें हर सुबह 10 बजे जांच अधिकारी (IO) के सामने हाजिरी देनी होगी। अगर आरोप पत्र दायर किया जाता है, तो आरोपियों को जांच में पूरा सहयोग करना होगा। सत्र न्यायालय अन्य शर्तों के साथ जमानत पर रिहाई की प्रक्रिया पूरी करेगा।
कौन है अरुण पति त्रिपाठी ?
अरुणपति त्रिपाठी छत्तीसगढ़ सरकार के आबकारी विभाग के विशेष सचिव रह चुके हैं। इससे पहले वे छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) के एमडी भी रहे हैं। त्रिपाठी मूल रूप से इंडियन टेलीकॉम सर्विस के अधिकारी हैं और डेपुटेशन पर छत्तीसगढ़ में कार्यरत थे।
शराब घोटाले में उनकी भूमिका को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 5 अक्टूबर 2024 को रायपुर की विशेष अदालत में उनके खिलाफ पूरक अभियोजन परिवाद दायर किया। कोर्ट ने उसी दिन इस मामले पर संज्ञान लिया था, लेकिन 7 फरवरी 2025 को हाईकोर्ट ने PMLA कोर्ट के संज्ञान को रद्द कर दिया। अरुणपति त्रिपाठी 8 अगस्त 2024 से न्यायिक अभिरक्षा में जेल में बंद हैं।




