दुर्ग आईजी ऑफिस में पदस्थ आरक्षक की सड़क दुर्घटना में मौत:बाइक से जा रहा था घर, सड़क किनारे लगे ट्रांसफर्मर से टकराया मौत
By Dinesh chourasiya
दुर्ग आईजी ऑफिस में पदस्थ आरक्षक उपेंद्र तिवारी की 25 दिसंबर क्रिसमस की रात सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। उपेंद्र रात 11 बजे के करीब अपनी बाइक से स्मृति नगर स्थित अपने घर जा रहा था। इसी दौरान उनकी बाइक सड़क किनारे ट्रांसफॉर्मर से टकरा गई। इस हादसे में उपेंद्र के सिर में गहरी चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
जानकारी के मुताबिक उपेंद्र अपनी बाइक CG 07 AW 2208 से बुधवार देर रात अकेले स्मृति नगर चौकी अंतर्गत हरि नगर स्थित अपने घर जा रहा था। वो जैसे हरि नगर से थोड़ा पहले क्रिश 2 होटल के पास पहुंचा, वहां सड़क किनारे लगे ट्रांसफर से तेज रफ्तार में टकरा गया। इसके बाद उपेंद्र नाली में गिरा और उसका सिर फट गया।







सूचना मिलते ही सुपेला और स्मृति नगर पेट्रोलिंग मौके पर पहुंची।112 और 108 एंबुलेंस भी मौके पर पहुंची। उन लोगों ने उपेंद्र को बेहोशी की हालत में ही तुरंत चंदूलाल चंद्राकर मेमोरियल हॉस्पिटल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद उसके शव को दुर्ग स्थित मॉर्चुरी में रखवा दिया गया है।

दो बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
उपेंद्र तिवारी साल 2007 बैच का सिपाही था। वह मूलतः उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले का रहने वाला था। भिलाई में उसकी पत्नी और एक तीन साल की बेटी और एक साल का बेटा रहते थे। उसकी मौत की खबर सुनने के बाद उसके माता पिता उत्तर प्रदेश से भिलाई के निकल गए हैं।




हेलमेट लगाए होता तो बच जाती जान
आरक्षक जब देर रात बाइक से घर जा रहा था तो उसने हेलमेट नहीं पहना हुआ था। ट्रांसफॉर्मर से टकराने के बाद सीधे उसका मत्था और सिर फटा है। यदि वो हेलमेट पहना होता तो उसकी जान बच जाती।
शराब पीने का था आदी
इसके बाद दुर्ग एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव ने आरक्षक उपेंद्र कुमार तिवारी को सस्पेंड कर दिया है। सस्पेंशन से बहाली के बाद उसे सुपेला थाने में पदस्थ किया गया था, वहां से उसकी ड्ययूटी आईजी ऑफिस में लगाई गई थी और वो वहीं पर ड्यूटी कर रहा था। इतनी रात में वो कहां से आ रहा था इसकी जानकारी पुलिस को भी नहीं है।





