
दुर्ग पुलिस अब हर भिखारी की करेगी पहचान:बढ़ती चोरी और अपराध में संलिप्तता को देखने के लिए दुर्ग एसपी ने दिए सभी थाना प्रभारी को निर्देश
By Dinesh chourasiya
दुर्ग जिले में अचानक भिखारियों की संख्या काफी तेजी से बढ़ी है। इसके साथ ही यहां चोरी और अन्य अपराधिक घटनाओं का ग्राफ भी तेजी से बढ़ा है। इसे देखते हुए दुर्ग एसपी जितेंद्र शुक्ला ने सभी थाना और चौकी प्रभारियों को निर्देश दिया है कि वो भीख मांगने वालों का पूरा रिकार्ड चेक करें और उसे थाने में रखें।
एसपी ने इस संबंध में जो पत्र थाना प्रभारी और चौकी प्रभारियों को लिखा है उसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से लिखा है कि जिले में भिक्षावृत्ति रोक लगाने के साथ ही भिखारियों का पूरा रिकार्ड जांचना है। उन्होंने लिखा कि शहर के मुख्य मार्गों से लेकर गली मोहल्ले, सेक्टर, टाउनशिप एरिया,वैशाली नगर, उल्हासनगर,अय्यप्पा नगर, सुपेला चौक, नेहरू नगर चौक सहित अन्य स्थानों भीख मांगने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है।








इसलिए जितने भी भिखारी जिले में आए हैं या पहले हैं। उन सभी का पूरा रिकार्ड, वो कहां से आए हैं, यहां क्यों भीख मांग रहे हैं। उनका पुराना आपराधिक रिकार्ड है या नहीं। इसका पता करके पूरा रिकार्ड रखा जाएगा।
सिग्नल में दिखते हैं बाहर से आए भिखारी
शहर के जितने भी सिग्नल्स हैं वहां पर भीख मांगने वालों संख्या बढ़ी है। यह सभी लोग मजबूरी में काम और व्यवसाय के अभाव में भीख मांगते हैं। लेकिन इसकी आड़ में अपराध भी बढ़ रहे हैं। कई लोग इसका फायदा उठाकर घरों की रेकी से लेकर जेब काटने वा अन्य आपराधिक घटनाओं को अंजाम देते हैं।




आम आदमी पार्टी ने एसपी को लिखा था पत्र
आम आदमी पार्टी के नेता जसप्रीत सिंह ने इस संबंध में दुर्ग एसपी को पत्र लिखा था। उन्होंने पत्र में लिखा कि भिक्षावृत्ति को लेकर देश में कानून तो है लेकिन उसपर अमल नहीं किया जा रहा है। लगातार गांजा अवैध शराब, मार्केट में चोरी की घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है। इसमें कहीं ना कहीं दूसरे प्रदेश से आकर यहां भीख मांगने वालों की संलिप्तता होती है। ऐसे में पुलिस को चाहिए वो बाहर आकर यहां व्यवसाय, नौकरी या भीख मांगने वाले सभी लोगों का रिकॉर्ड रखना चाहिए।
आप नेता मेहरबान सिंह ने कहा भीख मांगने की आड़ में बहुत सारे लोग दूसरे प्रदेशों से यहां आकर अलग-अलग अपराधों को अंजाम देते हैं। जब अपराध होता है तो पुलिस को ऐसे लोगों को खोजना बहुत मुश्किल भरा काम हो जाता है। इसलिए पुलिस प्रशासन अलर्ट रहे और सभी भिक्षा मांगने वालों का रिकॉर्ड रखे।




