CG में गृहमंत्री विजय शर्मा ने दुर्ग सेंट्रल जेल का किया निरीक्षण:कहा- सरकार जेल में बंद कैदियों का करेगी स्किल डेवलपमेंट,
By Dinesh chourasiya

छत्तीसगढ़ के कवर्धा और दुर्ग की घटना के बाद छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा शनिवार को केंद्रीय जेल दुर्ग का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने जेल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि, जेल के अंदर सभी व्यवस्थाएं अच्छी हैं। कैदी अलग-अलग तरह के काम कर रहे हैं।
अब सरकार इन कैदियों का स्किल डेवलपमेंट करने की योजना पर काम कर रही है। जिससे सजा काटकर बाहर आने के बाद वो अपनी आजीविका चला सकें। जेल के अंदर कैदियों को अलग-अलग तरह के कार्य करने की ट्रेनिंग दी जाएगी।







इससे कैदी जेल के अंदर ही अपनी निपुणता के मुताबिक, काम करेंगे और उनके द्वारा बनाए उत्पाद को बेचकर मुनाफे का हिस्सा कैदी के खाते में जमा किया जाएगा। सरकार की मंशा है कि, जब सजा काटकर कोई कैदी निकले तो लखपति बनकर निकले और अपना खुद का व्यवसाय शुरू कर सके।

कवर्धा कांड पर हुआ एक्शन
डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि, कवर्धा की घटना के बाद शव का बाकायदा पंचनामा हुआ है। कांग्रेस के विधायक भी वहां सामने थे। उनके सामने ही पंचनामा हुआ है। पूरे थाने को बदल दिया गया है। एसपी को बदल दिया गया है। एडिशनल एसपी सस्पेंड किए गए हैं। जांच का आयोग बैठाया गया है। गुनहगारों को सजा दी जाएगी।




वीडियो वायरल होने के बाद एसपी को हटाया गया
कवर्धा के पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव को हटाए जाने के सवाल पर विजय शर्मा ने कहा कि, एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव का एक वीडियो वायरल हुआ था। उस वीडियो को देखकर यह समझ आ रहा है कि उनको अपनी जिम्मेदारी इस ढंग से नहीं निभानी चाहिए थी। इसलिए उन्हें हटाया गया।
साथ ही एडिशनल एसपी ने सही से काम नहीं किया। जिससे उन्हें सस्पेंड किया गया है। कवर्धा कलेक्टर के तबादले को लेकर उन्होंने कहा कि, उनका जो ट्रांसफर हुआ वो रूटीन हुआ है।
भूपेश नेतागिरी ना करें, वो गांव हमारा है हम संभाल लेंगे – विजय शर्मा
छत्तीसगढ़ बंद को लेकर विजय शर्मा ने कहा कि, चैंबर ऑफ कॉमर्स पर सरकार का किसी तरह का कोई दबाव नहीं है। भूपेश बघेल जिस तरह लोहारडीह आए उसी तरह उनको बीरनपुर भी जाना चाहिए था। अभी भूपेश बघेल सिर्फ नेतागिरी और राजनीति कर रहे हैं। जिस गांव में घटना हुई है वो गांव हमारा है। हम संभाल लेंगे।
अगर अभी भी उनको जाना है तो जाए, लेकिन भूपेश बघेल अपने पुराने दिन भी याद करें। कवर्धा में हमें भी डंडे पड़े थे, लेकिन उस समय भूपेश बघेल ने किसी का भी तबादला नहीं किया था। भूपेश बघेल सिर्फ और सिर्फ राजनीति कर रहे हैं।




