छत्तीसगढ़

दुर्ग में पूर्व पार्षद और हिस्ट्री शीटर अजय दुबे पर जानलेवा अटैक:रॉड हॉकी और बेस बैट से हमला, अस्पताल में भर्ती

By Dinesh chourasiya

हिस्ट्री शीटर पूर्व पार्षद अजय दुबे उपचाराधीन - Dainik Bhaskar

दुर्ग नगर निगम के पूर्व पार्षद व हिस्ट्री शीटर रहे अजय दुबे के ऊपर कुछ लोगों ने जानलेवा हमला किया है। बताया जा रहा है कि ये हमला किसीको अश्लील मैसेज भेजने के चक्कर में हुई है। अजय दुबे ने घायल अवस्था में अपनी फोटो फेसबुक में डालकर दुर्ग पुलिस पर आरोप लगाया है कि वो आरोपियों को पकड़ने की जगह उसे ही गिरफ्तार करने के लिए खोज रही है।

अजय दुबे ने अपने फेस बुक पोस्ट में अपनी फोटो वायरल करते हुए लिखा है कि उसने जिसे चलने लायक बनाया उन्हीं लोगों ने उस पर हमला किया है। उसमें उसने लिखा है कि उसने पिछले दिनों एक पोस्ट लिखी थी। उस पोस्ट में उसने लिखा था कि यदि सही माहौल और मार्गदर्शन मिले तो नशे की लत में बिगड़े हुए बच्चों को सही राह पर लाया जा सकता है। कुछ लोग उनकी बेज्जती करके उनके मन में जहर घोलने का काम कर रहे हैं। कुछ बड़े लोग समाज को ही लुट  कर अपनी तिजोरी भर रहे हैं।

उसने बताया कि जिन्होंने उसके ऊपर हमला किया है उसमें भाजयुमो का पूर्व महामंत्री और वो लोग शामिल हैं, जिन्हें उसने निगम में ठेका और साइकिल स्टैंड का ठेका दिलाने के लिए लड़ाई तक की। अजय दुबे की फोटो देखकर साफ पता चल रहा है कि उसे बुरी तरह मारा गया है। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिस पर लगाया गंभीर आरोप

अजय दुबे ने दुर्ग पुलिस भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने लिखा है कि पुलिस ने उसके ऊपर जानलेवा हमला करने वालों के खिलाफ साधारण मारपीट का मामला दर्ज किया है। वो लोग चैन से घर में बैठे हैं। उल्टा अब उसके ऊपर अश्लील मैसेज भेजकर किसी को परेशान करने के मामले में पुलिस उसे गिरफ्तार करने के लिए घूम रही है। अजय ने कहा कि वो आरोपियों को न्याय दिलाने के लिए पूरी लड़ाई लड़ेगा।

कौन है हिस्ट्रीशीटर अजय दुबे

अजय दुबे भाजपा पार्टी से दुर्ग नगर निगम में पार्षद रह चुका है। वो सांसद सरोज पाण्डेय का काफी करीबी भी था। बाद में उसकी आपराधिक गतिविधि के चलते सरोज पाण्डेय ने उससे दूरियां बना ली। उसे भाजपा से टिकट नहीं दिया गया तो उसने निर्दलीय पार्षद चुनाव लड़ा और हार गया। 18 सितंबर 2021 की रात पार्षद अजय दुबे ने अपने साथियों के साथ मिलकर महाराजा चौक स्थित मोबाइल शॉप में घुसकर 10 हजार रुपए की लूट की थी। दुर्ग कोतवाली पुलिस ने उसे और उसके साथियों को गिरफ्तार किया था। इतना ही नहीं पुलिस ने पार्षद और उसके साथियों का कान पकड़वाकर पूरे शहर में घुमाया था। पुलिस की माने तो आरोपी के खिलाफ अल-अलग थानों में 20 से ज्यादा मामले दर्ज हैं।

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