Uncategorized

कल राजभवन में 10:30 बजे 3 मंत्री लेंगे शपथ:इनमें खुशवंत साहेब, राजेश अग्रवाल, गजेंद्र यादव का नाम, नए चेहरों को सायं मंत्रिमंडल में मौका

By Dinesh chourasiya

साय मंत्रिमंडल का विस्तार तय हो गया है। कल राजभवन में साढ़े 10 बजे मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण है। भाजपा विधायक दल के सचेतक सुशांत शुक्ला ने लेटर जारी कर इसकी पुष्टि की है। दुर्ग विधायक गजेंद्र यादव, अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल और आरंग विधायक गुरु खुशवंत साहेब नए मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं।

तीनों नए मंत्रियों के लिए स्टेट गैरेज में 3 कार तैयार कर ली गई हैं। साथ ही शपथ ग्रहण के लिए तीनों विधायकों को मैसेज पहुंचा दिया गया है, ताकि वह समय पर पहुंच सकें। इससे पहले CM विष्णुदेव साय ने शनिवार को राज्यपाल रामेन डेका से मुलाकात की थी।

वहीं राज्यपाल रामेन डेका सुबह जगन्नाथ मंदिर में दर्शन करने गए। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बात की। मंत्रिमंडल विस्तार के सवाल पर राज्यपाल ने कहा कि कुछ तो होने वाला है, इसकी जानकारी मैं आपको दे रहा हूं।

वहीं मंत्रिमंडल विस्तार पर पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि बीजेपी के 3 सीनियर विधायकों ने इस्तीफे की धमकी दी है। कहीं धमकी के चलते तो मंत्रिमंडल विस्तार नहीं टल रहा है। पूर्व सीएम अपने करीबी को मंत्री बनवाने दिल्ली गए हैं। नए मंत्री बनते ही सरकार की उलटी गिनती शुरू हो जाएगी।

कल राजभवन में साय मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण है। भाजपा विधायक दल के सचेतक शुशांत शुक्ला ने लेटर जारी कर इसकी पुष्टि की है।
कल राजभवन में साय मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण है। भाजपा विधायक दल के सचेतक शुशांत शुक्ला ने लेटर जारी कर इसकी पुष्टि की है।

CM के विदेश दौरे से पहले शपथ ग्रहण

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 21 अगस्त को जापान और दक्षिण कोरिया के दौरे पर रवाना होंगे। इससे पहले शपथ ग्रहण की प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी चल रही है। मंत्रिमंडल विस्तार पर सीएम साय ने कहा था कि इंतजार करते रहिए, हो सकता है।

बीजेपी में इस फॉर्मूले की चर्चा

बीजेपी संगठन के नेताओं के अनुसार, सामाजिक और भौगोलिक संतुलन को प्राथमिक महत्व दिया जाएगा। माना जा रहा है कि एक मंत्री सामान्य वर्ग से, दूसरा अनुसूचित जनजाति वर्ग से और तीसरा पिछड़ा वर्ग से लिया जा सकता है, जो बिलासपुर, सरगुजा और दुर्ग संभाग से हो सकते हैं।

कैबिनेट में तीन नए चेहरे जुड़ेंगे

बीजेपी संगठन के पदाधिकारियों के अनुसार, संगठन विस्तार के दौरान तीन नेताओं को मंत्री पद की जिम्मेदारी दी जाएगी। इसमें सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को प्राथमिकता दी जाएगी। अनुमान है कि एक मंत्री सामान्य वर्ग से, दूसरा अनुसूचित जनजाति से और तीसरा पिछड़ा वर्ग से चुना जा सकता है।

Related Articles

Back to top button