
राहुल गांधी की संसद सदस्यता होगी बहाल! लड़ेंगे 2024 का लोकसभा चुनाव, सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने बदले कई गणित
By Dinesh chourasiya







नई दिल्ली अजा का दिन कांग्रेस नेता राहुल गांधी के लिए बेहद खास रहा। सुप्रीम कोर्ट ने मोदी सरनेम केस में राहुल गांधी को बड़ी रहत देते हुए दोषी ठहराए जाने के साथ ही सुनाई गई सजा पर भी रोक लगा दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जब तक राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई पूरी नहीं हो जाती तब तक दोषसिद्धि पर रोक रहेगी। सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी को अधिकतम सजा सुनाए जाने पर भी सवाल उठाए हैं। सुप्रीम कोर्ट का ये फैसला राहुल गांधी, कांग्रेस पार्टी और विपक्षी गठबंधन के लिए भी कई मायनों में अहम है।
राहुल की संसद सदस्यता हो सकती है बहाल
: राहुल गांधी को सूरत की निचली अदालत से दो साल की सजा सुनाए जाने के बाद उन्हें लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य ठहरा दिया गया था। लोकसभा सचिवालय ने आदेश जारी कर दो साल की सजा सुनाए जाने के ग्राउंड पर राहुल गांधी को संसद की सदस्यता समाप्त कर दिया था। केरल की वायनाड लोकसभा सीट से सांसद रहे राहुल गांधी को सुनाई गई सजा के साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने दोषसिद्धि पर भी रोक लगा दी है।




सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के साथ ही राहुल गांधी के लिए संसद के दरवाजे कानूनन खुल गए हैं। अब राहुल की लोकसभा सदस्यता बहाल होने का रास्ता साफ हो गया है। राहुल को संसद की सदस्यता के अयोग्य करार दिए जाने के बाद अगर वायनाड सीट पर उपचुनाव हो गए होते तब उनकी सदस्यता बहाल नहीं हो पाती। वायनाड में अभी तक उपचुनाव नहीं हुए हैं।
राहुल गांधी को अब करना होगा ये
: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राहुल गांधी को अब लोकसभा सचिवालय का रुख करना होगा। राहुल गांधी को लोकसभा सचिवालय में प्रतिवेदन देना होगा। इस प्रतिवेदन में सुप्रीम कोर्ट के आज के आदेश का उल्लेख कर लोकसभा सदस्यता बहाल करने का अनुरोध करना होगा। इसके बाद लोकसभा सचिवालय के अधिकारी आदेश का अध्ययन करेंगे और फिर सदस्यता बहाल करने का आदेश जारी होगा। सदस्यता बहाली के लिए कोई समय-सीमा निर्धारित नहीं है, फिर भी, लोकसभा सचिवालय को सदस्यता बहाली पर फैसला जल्द लेना होगा।
2024 का लोकसभा चुनाव लड़ सकेंगे राहुल गांधी
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के साथ ही राहुल गांधी के 2024 का चुनाव लड़ने की संभावनाओं पर छाए अगर-मगर के बादल भी छंट गए हैं। सुप्रीम कोर्ट से भी अगर राहुल को सजा और दोषी करार दिए जाने के निचली अदालत के फैसले पर रोक नहीं लगाई होती तो वे 2024 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ पाते। सुप्रीम कोर्ट के रुख और ताजा फैसले, दोनों से ये साफ हो गया है कि राहुल गांधी न सिर्फ संसद में लौटेंगे बल्कि 2024 के चुनाव में बतौर उम्मीदवार भी नजर आएंगे।
मनमानी करने वालों के लिए झटका
: मोदी सरनेम केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले से राहुल गांधी के सियासी करियर को संजीवनी मिल गई है। कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि अब उनको संसद से दूर रखने का कोई कारण नहीं है। ये मनमानी करने वालों के लिए झटका है। उन्होंने ये उम्मीद भी जताई कि अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान राहुल गांधी सदन में मौजूद रहेंगे। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस पार्टी मोदी सरकार के खिलाफ और आक्रामक नजर आ सकती है। 26 विपक्षी दलों के नए गठबंधन इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस के लिए भी राहुल पर आया फैसला अहम है।
बता दें कि मोदी सरनेम केस में सूरत की निचली अदालत ने राहुल गांधी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई थी। सूरत कोर्ट के इस फैसले के बाद राहुल गांधी की संसद सदस्यता चली गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने अब राहुल गांधी को दोषी ठहराए जाने के साथ ही सुनाई गई सजा पर भी रोक लगा दिया है।








