छत्तीसगढ़

भिलाई 75 माह से लंबित वेतन समझौता की मांगों को सीटू ने एक्यूपमेंट चौक सेक्टर-1 चौक में दिया धरना 

By Dinesh chourasiya

सर्वसम्मति की उच्च परिपाटी को समाप्त करने की कोशिश
सीटू के पदाधिकारियों ने बताया कि एनजेसीएस में सर्वप्रथम प्रबंधन और कर्मियों के प्रतिनिधियों की आपसी चर्चा व सर्वसम्मति से निर्णय लेकर समस्याओं के निराकरण की संस्कृति शुरू की गई थी। एनजेसीएस में अब तक 9 वेतन समझौता सर्वसम्मति से हुआ है। इसके अलावा मंदी के समय केवल सेल और आरआईएनएल को ही नहीं, निजी इस्पात कंपनियों को भी संकट से उबारने में एनजेसीएस की विशेष भूमिका रही है।

बहुमत के खेल व एक तरफा कार्रवाई से बढ़ रही अराजकता
एनजेसीएस की 50 साल से भी अधिक पुरानी सर्वसम्मति की संस्कृति को त्याग कर 22 अक्टूबर 2021 को हस्ताक्षर की गई। सहमति पत्र के बाद उस सहमति पत्र से भी अलग हटकर एकतरफा आदेश से ग्रेच्युटी कटौती व सेल पेंशन में प्रबंधन के अंशदान को कम करने से संबंधित आदेश दिए। विभागों को ठेके पर दिए जाने या आउट सोर्स किए जाने से संयंत्र में अराजकता की स्थिति है।

एनजेसीएस संयोजक के नाम भेजे ज्ञापन में किया यह मांग :-
– कम न्यूनतम निश्चित लाभ की भरपाई के लिए 2 अतिरिक्त वेतन वृद्धि।
– 39 माह के एरिया का तत्काल भुगतान व जनवरी 2017 से अक्टूबर 2020 तक सेवानिवृत्त हुए कर्मियों को वेतन समझौता व प्रभावी लाभ का भुगतान।
– अधिकारियों के तर्ज पर कर्मियों को भी पक्र्स के एरियर्स का भुगतान।
– वेतन समझौता को लेकर प्रदर्शन में भाग लेने वाले कर्मियों का दंड व स्थानांतरण वापस हो।
– बिना किसी विलंब के आरआईएनएल में भी वेतन समझौते को लागू करें।
– ठेका श्रमिकों के वेतन में वृद्धि कर तत्काल लागू किया जाए।
– एचआरए, रात्रि पाली माता, दुर्गम क्षेत्र विशेष भत्ता और अन्य सभी भत्तों को बढ़ाया जाए।
– सेल, आरआईएनएल की किसी भी इकाई का निजीकरण, विनिवेश नहीं हो।
– सेल और आरआईएनएल में विस्तार और आधुनिकीकरण।
– पदनाम में उचित परिवर्तन के साथ नई पदोन्नति नीति।
– सीलिंग या कैपिंग और पेंशन के नाम पर मौजूदा ग्रेच्युटी लाभ में कोई कटौती नहीं। ग्रेच्युटी और पेंशन के परिपत्र के संबंध में एकतरफा कार्यालय आदेश वापस लिया जाए। समेत 15 मांग किया गया।

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