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छत्तीसगढ़ भाजपा मंडल अध्यक्ष चुनाव में विवाद:रायपुर में कांग्रेसी को अध्यक्ष बनाया, गरियाबंद में बदलने पर विरोध, पेंड्रा में चहेतों को मिली जगह

By Dinesh chourasiya

छत्तीसगढ़ भाजपा में मंडल अध्यक्षों की नियुक्तियों को लेकर कई जगह विवाद का मामला सामने आया है। रायपुर, गरियाबंद, पेंड्रा और झाखरपारा में कार्यकर्ताओं के बीच विवाद और हाथापाई की घटना हुई है। जिनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

कांग्रेस ने अपने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर लिखा है कि, अपने मंडल अध्यक्ष का स्वागत सत्कार करते, थपड़ियाते कार्यकर्ता भाजपा के नीति-रीति का पालन कर रहे हैं। वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने कहा कि, 400 से अधिक मंडल है। थोड़ी बहुत समस्या आती है। प्रदेश में मंडल अध्यक्ष की निर्वाचन प्रक्रिया स्मूथली हुई है। कहीं एक दो घटनाएं होंगी, यह स्वाभाविक है।

रायपुर के BJP प्रदेश कार्यालय में हंगामा।

रायपुर कार्यालय में हंगामा

रायपुर के माना मंडल अध्यक्ष के चुनाव के दौरान BJP प्रदेश कार्यालय के कार्यालय में हंगामा हुआ है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि, कांग्रेस से भाजपा में आने वाले भीमवंत निषाद को मंडल अध्यक्ष बनाया गया है। इसके विरोध में कार्यकर्ता प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे पहुंच गए।

इस दौरान रायपुर ग्रामीण MLA मोतीलाल साहू के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। सूचना के मुताबिक, अध्यक्ष की घोषणा होने के बाद फुडहर के सामुदायिक भवन में तोड़फोड़ भी की गई है।

फिंगेश्वर में मंडल अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर विवाद।

गरियाबंद में भी विवाद

गरियाबंद में बीजेपी ने मंडल अध्यक्ष की नियुक्ति की है। जिसे लेकर विवाद देखने को मिला है। झाखरपारा में पहले उमाशंकर को मंडल अध्यक्ष बनाया, लेकिन बाद में भगवानों बेहेरा का नाम घोषित कर दिया गया। जिससे उनके समर्थकों और समाज के लोगों ने नाराजगी जताई है।

वहीं, फिंगेश्वर में भाजपा के वरिष्ठ नेता भगवत हरित की बहू मंजुलता हरित को मंडल अध्यक्ष बनाया गया। उनके नाम का ऐलान होते बैठक में जमकर हंगामा हो गया। एक कार्यकर्ता ने दूसरे कार्यकर्ता को थप्पड़ मार दिया। कार्यकर्ता मुकेश साहू को मंडल अध्यक्ष बनाने पर सहमति दे रहे थे। लेकिन ऐसा नहीं होने की वजह से यह विवाद हुआ।

GPM में भी हुआ विवाद

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में मरवाही विधानसभा के तहत आने वाले सभी 5 भाजपा मंडलों के अध्यक्षों का चुनाव कर लिया गया है। मरवाही दक्षिण के चुनाव के दौरान कार्यकर्ताओं के बीच विवाद की भी खबर सामने आई है। मरवाही दक्षिण मंडल में हेमचंद मराबी को मंडल अध्यक्ष चुना गया।

लेकिन बीजेपी के कुछ नेताओं का आरोप है कि, संगठन ने चुनाव के दौरान अन्य दावेदारों को नकार दिया और मनमाने तरीके से हेमचंद मरावी को मंडल अध्यक्ष बनाने की घोषणा कर दी। हेमचंद मराबी को मंडल अध्यक्ष बनाए जाने को लेकर कार्यकर्ताओं ने नाराजगी दिखाई। इस दौरान आपसी विवाद एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल था।

वहीं अन्य जगहों की बात करें तो पेंड्रा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष के लिए रामकुमार पुरी, सेमरा मंडल में अजय तिवारी, मरवाही उत्तर में कमलेश यादव, मरवाही मध्य मंडल की कमान अजय रजक को मिली। संगठन स्तर पर अंतिम रूप से नव निर्वाचित मंडल अध्यक्षों की सूची जारी कर दी गई है।

बीजेपी में सिर फुटव्वल ​​​​​​-कांग्रेस

कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि, भाजपा के संगठन चुनाव में मचे सिर फुटव्वल को लेकर अनुशासन की पोल खुल गई है। भाजपा में लोकतंत्र नहीं है। वहां तानाशाही डिक्टेटर-शिप है। वहां बड़े नेताओं का फरमान चलता है। मंडल अध्यक्ष के चुनाव में कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट, गाली-गलौज और धक्का-मुक्की हो रही है। यह संगठन के चरित्र का पर्दाफाश कर रहा है।

मंडल अध्यक्ष के चुनाव के लिए जिस तरह से कहा गया था कि, कार्यकर्ताओं को वोट देने का अधिकार होगा। जब कार्यकर्ता मंडल अध्यक्ष के चुनाव के लिए वोट करने जाते हैं, जो कार्यकर्ता मंडल अध्यक्ष बनना चाहते हैं, उन्हें लगता है अध्यक्ष चुन लिए जाएंगे। लेकिन सभी लोगों की आशा और उम्मीद को बुलडोजर से कुचल दिया जाता है।

तानाशाही फरमान सुनाया जाता है। पर्यवेक्षक और प्रभारी बनाकर भेजे जाते है, वो कार्यकर्ताओं को इकट्ठा करते हैं और वहां लिफाफा फाड़ते हैं। घोषणा करते हैं कि यह आपका मंडल अध्यक्ष होगा। यही बीजेपी की तानाशाही है।

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