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अनियंत्रित हाइवा ने बाइक सवार को कुचला, गुस्साए लोगों ने शव रखकर चार घंटे तक किया सड़क जाम , लोग रहे परेशान

By Dinesh chourasiya

अनियंत्रित हाइवा ने बाइक सवार को कुचला, गुस्साए लोगों ने शव रखकर चार घंटे तक किया सड़क जाम ,

बिलासपुर – तेज रफ्तार हाइवा ने बाइक सवार युवक को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे के बाद गुस्साए लोगों ने जमकर बवाल मचाया और शव रखकर नेशनल हाईवे को चक्काजाम कर दिया। नाराज ग्रामीण मृतक के परिवार को दस लाख रुपए मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग कर रहे थे। हालांकि, प्रशासन की समझाइश के बाद मामला शांत हो गया। चक्काजाम के चलते बिलासपुर-रतनपुर मार्ग में करीब चार घंटे तक यातायात बाधित रहा। घटना कोनी थाना क्षेत्र की है।

ग्राम सेमरताल निवासी गोवर्धन सूर्यवंशी (40) राजमिस्त्री का काम करता था। वह मंगलवार को अपनी बाइक में सवार होकर किसी काम से गतौरी आया था। दोपहर करीब एक बजे वह काम निपटाकर वापस गांव जा रहा था। तभी गतौरी ओवरब्रिज के नीचे तेज रफ्तार हाइवा ने बाइक सवार गोवर्धन को कुचल दिया। इस घटना में गोवर्धन की मौके पर ही मौत हो गई।

इस घटना की जानकारी आसपास के लोगों ने कोनी थाने में दी। लेकिन, पुलिस समय रहते मौके पर नहीं पहुंची। विलंब होने के कारण वहां स्थानीय लोगों के साथ ही सेमरताल से बड़ी संख्या में लोग नेशनल हाईवे में एकत्रित हो गए। आक्रोशित लोगों के साथ महिलाएं भी थी, उन्होंने नेशनल हाईवे में शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया और चक्काजाम कर दिया।

जब तक पुलिस घटनास्थल पहुंची, लोगों की भीड़ आक्रोशित हो गई थी। बहुजन समाज पार्टी के भीम सेना के कार्यकर्ता जय भीम के नारे लगाते हुए मृतक परिवार को दस लाख रुपए मुआवजा और सरकारी नौकर देने की मांग पर अड़े रहे। उनकी मांगों को सुनकर पुलिस भी शांत पड़ गई और चक्काजाम खत्म कराने के बजाए तमाशबिन बनी रही। बाद में राजस्व विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों से बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ।

चिलचिलाती धूप में चक्काजाम होने से राहगीर परेशान होते रहे। वहीं, नेशनल हाईवे में वाहनों की कतार लग गई। इसके चलते धूप में लोग जाम खुलने का इंतजार करते रहे। प्रशासनिक अफसरों ने आंदोलनकारियों को समझाइश देने का प्रयास किया। इस दौरान शासन की ओर से दी जाने वाली तत्कालिक सहायता राशि 25 हजार रुपए की जगह 45 हजार रुपए दिया गया। साथ ही उनकी मांगों पर शासन स्तर पर बातचीत करने का भरोसा दिलाया, तब जाकर मामला शांत हुआ। करीब 5 बजे ग्रामीणों ने चक्काजाम खत्म किया। इसके बाद बिलासपुर-रतनपुर मार्ग में वाहनों की आवाजाही शुरू हुई।

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