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दुर्ग जिला अस्पताल में कार्डियक व मेंटल मरीज का इलाज होगा, न्यूरो सर्जरी की भी सुविधा बेहतर सुविधाओं से लैस होगा अस्पताल

By Dinesh chourasiya

​दुर्ग जिला अस्पताल में हर दिन की ओपीडी 800 मरीजों से ज्यादा। - Dainik Bhaskar

दुर्ग जिला अस्पताल कई मायनों में मरीजों के लिए बेहतर इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने जा रहा है। आगामी दिनों में यहां कार्डियक (दिल की बीमारी) मरीजों का इलाज शुरू होने वाला है। इतना ही नहीं मानसिक रोगियों का अस्पताल भी बनने वाला है। वर्ष 2024 के अंत तक ये दोनों ही सुविधाएं शुरू करने की तैयारी हेल्थ विभाग ने शुरू कर दी है। बता दें कि इससे पहले न्यूरोसर्जरी हॉस्पिटल में शुरू हो चुकी है। पूरे प्रदेश में जिला सरकारी अस्पतालों के सेटअप में सिर्फ दुर्ग जिला अस्पताल में यह सुविधा शुरू हो सकी है। इसके अलावा टूटे जबड़ों की सर्जरी और सेपरेट ​सर्जिकल यूनिट भी दुर्ग में है।

इस प्रकार रायपुर और बिलासपुर के बाद दुर्ग का जिला अस्पताल बेहतर इलाज की सुविधा के मामले में तीसरे नंबर पर है। दुर्ग में डीएमएफ से एक न्यूरो सर्जन, एक प्रोस्थोडोंटिस्ट और एक मैक्सोफेसियल सर्जन की नियु​क्ति की गई है। इसके बाद टूटे जबड़ों को जोड़ने के साथ ही ब्रेन स्ट्रोक और स्पाइनल सर्जरी होने लगी है। जिले में सीएम मेडिकल कॉलेज भी संचालित है। 100 बिस्तर का ईएसआईसी हॉस्पिटल भी बनकर तैयार हो चुका है। 50 बिस्तर जल्द शुरू होने वाला है। 95 प्रतिशत काम पूरा भी हो चुका है। बिलासपुर की तरह दुर्ग में मेंटल हॉस्पिटल के लिए 80 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई है।

जिला अस्पताल में बढ़ रही स्वास्थ्य सुविधाएं

1. ऑक्सीजन के लिए 5 सोर्स, 2 पीएसए 1 लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट: दुर्ग का जिला अस्पताल प्रदेश में इकलौता ऐसा है, जहां ऑक्सीजन आपूर्ति के 5 सोर्स हैं। इनके से दो हवा से ऑक्सीजन बनाने वाले पीएसए (प्रेशर स्विंग एयर) प्लांट, एक लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट, चौथा 1500 से ज्यादा ऑक्सीजन सिलेंडर और पांचवां 80 से ज्यादा पोर्टेबल ऑक्सीजन कन्सेन्ट्रेटर ऑक्सीजन के इतने सोर्स दूसरे जिला अस्पतालों में नहीं हैं।

2. 50 बेड का क्रिटिकल ब्लाक, ट्रेनिंग सेंटर और एक ट्रांजिट हॉस्टल भी: 2024 में जिला अस्पताल दुर्ग के परिसर में किसी मेडिकल कॉलेज जैसी सुविधाएं मिलने लगेंगी। क्योंकि जिला अस्पताल के पीछे प्रधानमंत्री इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत 16.63 करोड़ में 50 बेड का क्रिटिकल केयर ब्लाक बनाने का काम शुरू हो गया है। 2 करोड़ में जिला ट्रेनिंग सेंटर, 70 लाख में ट्रांजिट हास्टल, 25 लाख में डीटीसी सेंटर की बिल्डिंग बन कर तैयार है।

3. मुफ्त में 150 प्रकार की जांच सुविधा, हमर लैब भी जिला अस्‍पताल में : गंभीर से गंभीर बीमारी का इलाज जिला अस्पताल दुर्ग में इसलिए संभव हो गया है। क्योंकि सभी जरूरी जांच के लिए यहां के मरीजों को कहीं बाहर जाने की जरुरत नहीं है। यहां संचालित हमर लैब में मुफ्त में 150 प्रकार की जांच होती है। राशन कार्ड होने मात्र से एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड के अलावा सीटी स्कैन भी यहां मुफ्त में हो जाता है। सिर्फ एमआरआई की सुविधा नहीं है।

सेपरेट सर्जिकल यूनिट भी सिर्फ जिला अस्पताल में ही

प्रदेश के जिला अस्पतालों में सिर्फ दुर्ग जिला अस्पताल में ही सेपरेट सर्जिकल यूनिट की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा न्यूरो सर्जरी की सुविधा भी तीन महीने पहले शुरू की गई है। प्रदेश के अन्य ​सरकारी जिला अस्पताल में यह सुविधा नहीं है। मेंटल हॉस्पिटल भी सिर्फ रायपुर में ही उपलब्ध है। जबड़ी की सर्जरी भी दुर्ग में हो रही।

न्यूरो सर्जरी के बाद मिली कार्डियक यूनिट की मंजूरी

प्रदेश के 33​ जिला अस्पतालों में जबड़ों और न्यूरो सर्जरी की सुविधा सिर्फ हमारे यहां है। अन्य जगह दोनों क्रिटिकल सर्जरी मेडिकल कॉलेजों में रेफर की जाती है। 2024 में गंभीर मरीजों के लिए 50 बेड का क्रिटिकल केयर ब्लाक, इतने बेड का ही प्रदेश का दूसरा मानसिक अस्पताल तैयार हो जाएगा। कार्डियक यूनिट के मंजूरी की भी खबर मिल है। -डॉ. एके साहू, सिविल सर्जन जिला अस्पताल दुर्ग

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