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दुर्ग पुलिस के दो जवान कैदी छोड़ने गए थे सरगुजा बस स्टैंड में नशे में धुत मिले रायफल छोड़कर नशे में पड़े थे एसपी ने एएसआई और आरक्षक को किया सस्पेंड

By Dinesh chourasiya

छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के अंबिकापुर में शराब के नशे में मिलने और सरकारी राइफल को लावारिस छोड़ने के मामले में दुर्ग जिले में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक जीवन प्रकाश एक्का और आरक्षक क्रमांक 1223 ऋषिकांत त्रिपाठी को निलंबित कर दिया गया है। दुर्ग के पुलिस अधीक्षक ने इस संबंध में निलंबन आदेश जारी किया है। दोनों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दुर्ग के आरक्षित केंद्र में संबद्ध किया गया है।

इंसास रायफल को टेबल पर रखकर नशे में धुत दुर्ग पुलिस के जवान।

पुलिसकर्मी 17 अक्टूबर को एक कैदी को लेकर अंबिकापुर गए थे। 18 अक्टूबर को शाम 5:40 बजे दोनों अंबिकापुर के नया बस स्टैंड में पुलिस की वर्दी में शराब पीने के बाद अपनी इंसास राइफल छोड़कर जमीन पर बेसुध सोते हुए पाए गए। वहां पर मौजूद लोगों ने इस घटना का वीडियो बनाया और इसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने कार्रवाई की है।

कैदी को छोड़ने दुर्ग से सरगुजा गए थे एएसआई और आरक्षक।

कैदी को जेल छोड़ने गए थे दोनों सहायक उपनिरीक्षक जीवन प्रकाश एक्का और आरक्षक ऋषिकांत त्रिपाठी को 17 अक्टूबर को कैदी को जेल में दाखिल कराने के लिए दुर्ग से अंबिकापुर भेजा गया था। अगले दिन अंबिकापुर के नया बस स्टैंड परिसर में दोनों के शराब के नशे में होने की जानकारी सामने आई। दोनों पुलिसकर्मियों ने अपनी सरकारी इंसास राइफल को सुरक्षित रखने के बजाय लावारिस हालत में छोड़ दिया था। सार्वजनिक जगह पर सरकारी हथियार इस तरह पड़े होने से सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हुए। लोगों ने इसकी शिकायत स्थानीय पुलिस चौकी को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने इंसास रायफल को जब्त किया।

दुर्ग पुलिस अधीक्षक ने दोनों जवानों को किया सस्पेंड।
दुर्ग पुलिस अधीक्षक ने दोनों जवानों को किया सस्पेंड।

दुर्ग पुलिस अधीक्षक ने किया सस्पेंड अंबिकापुर पुलिस ने इसकी जानकारी वहां के एसपी को दी। अंबिकापुर एसपी ने दुर्ग एसपी को घटना से अवगत कराया। मामले को गंभीर मानते हुए दुर्ग के पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने दोनों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया। वहीं इस पूरे मामले की जांच कर पांच दिनों के अंदर रिपोर्ट सब्मिट करने का भी आदेश दिया गया है। पुलिस अफसरों का कहना है कि सरकारी हथियार की सुरक्षा पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में ड्यूटी के दौरान शराब पीने और राइफल को लावारिस छोड़ने का मामला गंभीर माना जा रहा है।

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