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भिलाई कैम्प क्षेत्र में अंडा-ठेला चलाने वाले भाइयों का अपहरण नहीं,यूपी पुलिस ने उठाया:कहा- विदेश में नौकरी लगाने फर्जी पासपोर्ट-वीजा बनाकर धोखाधड़ी की, मगर यूपी पुलिस की FIR में दोनों युवकों का नाम नहीं

By Dinesh chourasiya

 

 भिलाई में अंडा ठेला लगाने वाले जिन 2 भाइयों का अपहरण हुआ था, उनकी ये कहानी झूठी निकली। दरअसल दुर्ग पुलिस ने पहले तो अपहरण का मामला दर्ज कर दोनों की तलाश शुरू कर दी थी लेकिन अब पुलिस का कहना है कि दोनों भाइयों को यूपी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

दोनों भाइयों के खिलाफ यूपी में विदेश में नौकरी लगाने और फर्जी वीजा और पासपोर्ट बनाने का मामला दर्ज है

शुभम शाह (27) और विष्णु कुमार शाह (31) दोनों सुभाष चौक के पास अंडा रोल का ठेला लगाते हैं।

ये है पूरा घटनाक्रम

गुरुवार (11 सितंबर) की रात कैंप-1 सुभाष चौक से अचानक एक कार से उतरे चार से ज्यादा लोग अंडा दुकान लगाने वाले 2 भाइयों को उठाकर ले जाते हैं। परिजन तत्काल थाने में सूचना देते हैं। पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए अपहरण का मामला दर्ज करती है।

लेकिन अगले ही दिन अपहरण का मामला दर्ज करने वाली पुलिस इस पूरे मामले को झूठा बताती है। उनके मुताबिक उन्हें यूपी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इसकी सूचना दुर्ग पुलिस को दे दी गई है। मौके पर परिजनों को भी इसकी जानकारी दी गई थी।

पुलिस ने सूचना दी है कि यूपी पुलिस ने इन दोनों युवकों को उत्तर प्रदेश के जिला अंबेडकर नगर थाना सुल्तानपुर राजे सुल्तानपुर में दर्ज अपराध क्रमांक 184-25 और 185-25 में गिरफ्तार किया है

 जिन मामलों में इन दोनों युवकों के गिरफ्तार की बात कही जा रही है उस एफआईआर में इन दोनों ही युवकों का नाम नहीं है। बताया जा रहा है कि धोखाधड़ी के मामले में अज्ञात आरोपियों में इन दोनों भाइयों को यूपी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

पहली FIR: 184-25: 3 सितंबर 2025 को दर्ज

पीड़ित विजय कुमार निषाद ने इजराइयल भेजने के नाम पर अरेबियन इंटरप्राइजेज कंपनी पर 95 हजार ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। कंपनी की ब्रांच अंबेडकर नगर में संचालित थी।

पीड़ित के अनुसार, कंपनी के संचालक अजय साहनी (निवासी गोरखपुर) और उनके सहयोगी सीमा तिवारी खरे (मुंबई), जितेंद्र यादव, साहिल हरेश्वर मेहता, धनंजय कुमार, शशिकांत सेठ समेत अन्य ने इज़राइल भेजने का झांसा देकर 90 हजार ऑनलाइन और 5 हजार कैश ले लिए।

कंपनी की ओर से विजय को वीज़ा (नंबर: 045-0362157) और 20 अगस्त 2025 की फ्लाइट का टिकट (पीएनआर: QZBVNF) दिया गया था। फ्लाइट से एक दिन पहले जब पीड़ित ने संबंधित लोगों से संपर्क करना चाहा, तो सभी के मोबाइल बंद मिले।

जब वह कंपनी के दफ्तर पहुंचा, तो पता चला कि ब्रांच एक सप्ताह पहले ही बंद हो चुकी है और सभी आरोपी फरार हैं। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर अजय साहनी और अन्य के खिलाफ धारा 316(2), 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2) आईपीसी के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

दूसरी FIR: 185-25, 3 सितंबर 2025 को दर्ज

इसमें पीड़ित रामवृक्ष सहित ने भी आरोप लगाया है कि कंपनी ने विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपए ठग लिए। रामवृक्ष ने बताया कि उन्होंने 28 जुलाई 2025 को 1 लाख 90 हजार रुपए कैश और 13 अगस्त 2025 को 10 हजार रुपए ऑनलाइन भुगतान किया। उन्हें वीजा नंबर 045-033-9254-20 दिया गया और 18 अगस्त को टिकट लेने के लिए बुलाया गया, लेकिन बाद में पता चला कि वीजा और टिकट फर्जी थे।

इसी एफआईआर में अन्य पीड़ितों के भी नाम शामिल हैं। नरसिंह से 8 अगस्त 2025 को 1 लाख 75 हजार रुपए लेकर फर्जी वीजा नंबर दिया गया। बाबू राम से 7 अगस्त को 1 लाख 10 हजार रुपए लेकर फर्जी वीजा और टिकट मिले। वहीं, नजीम अली ने 1 अगस्त को 99,600 रुपए देकर फर्जी दस्तावेज प्राप्त किए।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस कंपनी पर पहले भी धोखाधड़ी के आरोप लग चुके हैं।

पुलिस बोली- दोनों भाइयों के खिलाफ यूपी में मामला दर्ज

दुर्ग एएसपी सुखनंदन राठौर ने बताया कि यूपी पुलिस ने गुरुवार (11 सितंबर) को इस मामले में एक एसडीओपी को टेलीफोनिक सूचना दी थी। लेकिन एसडीओपी ने यूपी पुलिस को फोन पर ही जानकारी दी कि यह थाना क्षेत्र किसी और का है।

एसडीओपी ने यूपी पुलिस को नंबर भी दिया था। लेकिन नंबर लिखने के दौरान अंक गलत टाइप होने की वजह से यूपी पुलिस सही समय पर सूचना नहीं दे सकी।

परिजन बोले- हमें किसी तरह की नहीं दी जानकारी

 परिजनों ने बताया कि यूपी पुलिस की ओर किसी को भी कोई जानकारी नहीं दी गई है। गिरफ्तारी के संबंध में थाने में भी जानकारी नहीं मिली। एक दिन के बाद शुक्रवार की रात को पुलिस ने बताया कि दोनों भाइयों को यूपी पुलिस ने गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई

यूपी पुलिस ने कहा- दोनों को विधिवत गिरफ्तार किया

वहीं इस मामले में यूपी पुलिस के एसएचओ से जब हमारी मीडिया की टीम ने बात की तो उन्होंने बताया कि हमने दोनों भाइयों को नियम के अनुसार गिरफ्तार किया है। परिजनों को भी इसकी सूचना दे दी थी। स्थानीय पुलिस को हम सही समय पर सूचना नहीं दे सके। परिजनों ने अपहरण का मामला दर्ज करवा दिया।

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